Donald Trump Iran Threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य जल्द नहीं खोला गया और समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के तेल कुओं, बिजली संयंत्रों और खार्ग द्वीप जैसे अहम ठिकानों पर हमला कर सकता है।
Trump Warning To Iran: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक बार फिर तेज होता दिख रहा है। Donald Trump ने सोमवार (30 मार्च 2026) को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान जल्द ही समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ और Strait of Hormuz को फिर से नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के तेल, बिजली और पानी से जुड़े अहम ढांचे को निशाना बना सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी सीधी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका इस समय ईरान में एक “नए और ज्यादा समझदार शासन” के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि सैन्य कार्रवाई को खत्म किया जा सके। उन्होंने लिखा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन अगर जल्दी कोई समझौता नहीं होता और होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत “व्यापार के लिए” नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के कई बड़े ठिकानों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने खास तौर पर ईरान के बिजली उत्पादन केंद्रों, तेल के कुओं और Kharg Island का जिक्र किया, जो ईरान के तेल निर्यात के लिए बेहद अहम माना जाता है।
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पहले भी दे चुके हैं कई बार चेतावनी
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान को इस तरह की धमकी दी है। 10 मार्च को उन्होंने कहा था कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोलता, तो अमेरिका “20 गुना ज्यादा ताकत से” जवाब देगा। इसके बाद 21 मार्च को ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर तय समय में जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा। हालांकि 23 मार्च को उन्होंने इस समयसीमा को पांच दिन के लिए आगे बढ़ा दिया था, जिससे नई डेडलाइन अब 6 अप्रैल तक पहुंच गई है।
क्या चल रही है अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत?
ट्रंप का कहना है कि उनका प्रशासन युद्ध खत्म करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है। लेकिन Iran ने इन दावों को खारिज किया है। ईरान का कहना है कि उसे United States की ओर से एक प्रस्ताव जरूर मिला है, लेकिन वह उसके लिए स्वीकार्य नहीं है। तेहरान ने इसके बदले अपना काउंटर प्रस्ताव भी भेजा है।
इलाके में बढ़ रही सैन्य गतिविधियां
इस बीच खबर है कि United States Department of Defense यानी पेंटागन मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सैनिक भेज रहा है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका इस मुद्दे को लेकर गंभीर रणनीति बना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद बढ़ता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की तेल सप्लाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
क्यों इतना अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाले बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल हो सकती है।
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