भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत केस में अजमेर ट्रिप पर हुआ झगड़ा, माँ को किया आखिरी कॉल और “मेरा दम घुट रहा है” वाला मैसेज अब रहस्य बन चुका है। पति समर्थ सिंह की पूछताछ, कोर्ट में शांत बर्ताव और AIIMS के दूसरे पोस्टमॉर्टम ने इस हाई-प्रोफाइल दहेज उत्पीड़न केस को और सस्पेंसफुल बना दिया है।
भोपाल/नई दिल्ली: देश को झकझोर देने वाले हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में हर दिन नए और रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की भोपाल स्थित उनके ससुराल में संदिग्ध मौत के मामले में अब उनके पति समर्थ सिंह ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा ने 12 मई को फंदे से लटककर अपनी जान दे दी थी। अब इस मौत से ठीक पहले की कड़ियों को जोड़ने पर एक बेहद खौफनाक और तनावपूर्ण माहौल की तस्वीर साफ हो रही है।


"कमरे में पति आया और फोन कट गया..." रात 10:05 बजे की वो आखिरी चीख
ट्विशा शर्मा की मौत वाली रात का सच बेहद डरावना है। उनकी मां और उनके बीच व्हाट्सएप पर हुए संदेशों से साफ था कि वह अपनी प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) और ससुराल के माहौल को लेकर भयंकर मानसिक तनाव में थीं। एक मैसेज में ट्विशा ने तड़पते हुए लिखा था, "मेरा दम घुट रहा है मां, मुझे यहाँ से ले जाओ।" मौत वाली रात ठीक 10:05 बजे ट्विशा ने रोते हुए अपनी मां को फोन किया और प्रताड़ना की बात बताई। मृतका के भाई, भारतीय सेना में मेजर हर्षित शर्मा ने बताया, "बातचीत के दौरान जैसे ही ट्विशा के पति समर्थ ने कमरे में प्रवेश किया, ट्विशा ने अचानक डरकर फोन काट दिया।" इसके बाद मायके वालों ने समर्थ और उनकी सास को दर्जनों फोन किए, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। कुछ घंटों बाद सीधे मौत की खबर आई।

अजमेर ट्रिप पर तकरार और प्रेग्नेंसी का वो रहस्यमयी मोड़
सात दिन की पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपी पति समर्थ सिंह से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बताया कि 12 मई को ट्विशा के आत्मघाती कदम उठाने से कुछ घंटे पहले दोनों के बीच राजस्थान के अजमेर घूमने जाने को लेकर तीखा झगड़ा हुआ था। समर्थ ने दावा किया कि 17 अप्रैल को प्रेग्नेंसी कन्फर्म होने के बाद से ही ट्विशा का बर्ताव पूरी तरह बदल गया था। हालांकि, यह बयान उन आरोपों के बिल्कुल उलट है जिसमें कहा गया था कि समर्थ लगातार होने वाले बच्चे के पितृत्व (पिता कौन है) पर सवाल उठाकर ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।

कोर्टरूम में आरोपी का बेखौफ अंदाज और AIIMS का दूसरा पोस्टमॉर्टम
शुक्रवार को जब समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश किया गया, तो वहां मौजूद लोग उसका रवैया देखकर दंग रह गए। अपनी पत्नी को खोने के बाद भी समर्थ के चेहरे पर न तो कोई घबराहट थी और न ही पछतावा। वह एकदम शांत, सीधे और आत्मविश्वास से लबरेज होकर कोर्टरूम में वकीलों को देख रहा था। इस बीच, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने वकालत के पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में समर्थ की वकालत का लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिया है। आरोपी की मां और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर भी जांच में सहयोग न करने का आरोप है। अब इस रहस्यमयी मौत का सच सामने लाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कड़े निर्देश पर, नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के चार सीनियर डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल टीम भोपाल में ट्विशा के शव का दोबारा (दूसरा) पोस्टमॉर्टम करेगी, जिससे मौत के असली कारणों और चोटों का पर्दाफाश हो सके।


