प्रेग्नेंसी, MTP और रहस्यमयी मौत... भोपाल की मॉडल ट्विशा शर्मा केस में सास गिरिबाला सिंह के दावों ने नया तूफान खड़ा कर दिया है। CCTV, मानसिक उत्पीड़न, दहेज आरोप और परिवारों के विरोधाभासी बयानों के बीच सवाल उठ रहा है-क्या यह आत्महत्या थी या किसी बड़े राज़ को दबाने की कोशिश? Twisha Sharma Death Case अब और उलझता जा रहा है। 

Twisha Sharma Death Mystery: भोपाल की मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत का मामला अब एक बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल कानूनी व पारिवारिक जंग में बदल चुका है। 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में ट्विशा का शव मिलने के बाद से ही आरोपों का दौर जारी था, लेकिन अब इस केस में एक ऐसा चौंकाने वाला मोड़ आया है जिसने पूरे मामले को एक नया और बेहद पेचीदा रूप दे दिया है। ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने मीडिया के सामने आकर कई ऐसे दावे किए हैं, जिसने मृतका के परिवार को आक्रोश से भर दिया है। वहीं, ट्विशा के पिता ने इन दावों को अपनी दिवंगत बेटी के चरित्र पर कीचड़ उछालने की घिनौनी कोशिश करार दिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस के नए और सबसे बड़े विवादों का पूरा विश्लेषण नीचे दिए गए सस्पेंस से भरे बिंदुओं में छिपा है:

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प्रेग्नेंसी का वो 'अंधेरा सच' और सास का सनसनीखेज दावा

सस्पेंस और विवाद तब और गहरा गया जब रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने एएनआई (ANI) से बात करते हुए ट्विशा के निजी जीवन से जुड़े बेहद संवेदनशील खुलासे किए। सास का दावा है कि शादी के महज 5 महीने के भीतर ही उन्हें अहसास हो गया था कि ट्विशा बेहद खुले विचारों (Liberal) की थी और काफी जल्दबाजी में फैसले लेती थी। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया, "17 तारीख को जैसे ही ट्विशा की प्रेग्नेंसी कन्फर्म हुई, उसका पूरा बर्ताव बदल गया। उसने साफ कह दिया कि वह इस बच्चे को नहीं रखना चाहती।" सास के मुताबिक, उस शाम ट्विशा खुद को नुकसान पहुँचा रही थी और रोते हुए कह रही थी कि वह अब और नहीं जी सकती।

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"इज्ज़त के साथ घर से चले जाओ..." और अबॉर्शन का रहस्यमयी दबाव!

गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा की हालत देखकर उन्होंने उसे अगले ही दिन "इज्ज़त के साथ" मायके या कहीं और चले जाने का ऑफर दिया था। सास के इन आरोपों के मुताबिक, ट्विशा अपनी मां के आने पर मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) यानी गर्भपात कराने की जिद पर अड़ गई थी। लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट यहीं आता है। ट्विशा के भाई ने सास के इस बयान को पूरी तरह पलटते हुए एक बेहद खौफनाक आरोप लगाया है। भाई का कहना है कि ट्विशा खुद अबॉर्शन नहीं कराना चाहती थी, बल्कि सिंह परिवार यानी उसके ससुराल वाले उस पर जबरन गर्भ गिराने का जानलेवा दबाव बना रहे थे। आखिर इस अनचाही प्रेग्नेंसी के पीछे का असली सच क्या था, यह अब सबसे बड़ा सस्पेंस बन चुका है।

फरार पति के लिए 'मां' की सहानुभूति और रसूख की ढाल?

ट्विशा के पति समर्थ सिंह (जो पेशे से वकील हैं) घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहे हैं। अपनी फरार बेटे का बचाव करते हुए पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कहा कि लड़कों के आंसू जल्दी नहीं निकलते, लेकिन समर्थ अंदर से टूट चुका है। उन्होंने दावा किया कि दोनों के बीच कभी कोई हाथापाई नहीं हुई और इस केस में कोई ठोस सबूत न होने के कारण इसे तुरंत खारिज कर देना चाहिए। गिरिबाला ने संकेत दिया है कि समर्थ जल्द ही कोर्ट में सरेंडर कर सकता है और उनके वकीलों की फौज इसकी तैयारी में जुटी है।

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"मेरी मरी हुई बेटी के चरित्र पर कीचड़ मत उछालो!"-पिता का पलटवार

ससुराल पक्ष के इन दावों के बाद नोएडा में रह रहे ट्विशा के पिता नव निधि शर्मा का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने गिरिबाला सिंह के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एक रिटायर्ड जज होने के बावजूद वह कानून का खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं। पिता ने आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह मीडिया में आकर उनकी दिवंगत बेटी के चरित्र को जानबूझकर बदनाम कर रही हैं, ताकि उनका फरार बेटा कानून के शिकंजे से बच सके और पुलिस की जांच को भटकाया जा सके।

दिसंबर 2025 में बड़े अरमानों के साथ हुई इस शादी के महज 5 महीने बाद, 12 मई को ट्विशा की मौत ने कई जिंदगियां तबाह कर दी हैं। जहां एक तरफ ससुराल पक्ष इसे एक डिप्रेस्ड महिला का मानसिक संघर्ष बता रहा है, वहीं मायके पक्ष का आरोप है कि यह सीधे-सीधे दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के कारण की गई हत्या या आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला है। बंद कमरों के ये राज अब अदालत के कटघरे में ही बेनकाब होंगे।