उद्धव ठाकरे गुट (UBT) को बड़ा झटका लगा है। उनके 2 सांसद, ओम राजे निंबालकर और नागेश पाटिल अष्टीकर, शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। उन्होंने अपमान और विकास कार्यों में बाधा को पार्टी छोड़ने का कारण बताया।
छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट (UBT) को बड़ा झटका लगा है। ऐसी खबरें थीं कि उनके 6 सांसद बगावत कर सकते हैं। इसी बीच, रविवार को दो सांसदों ने खुले तौर पर शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होने का ऐलान कर दिया। ये सांसद ओम राजे निंबालकर और नागेश पाटिल अष्टीकर हैं। इस सियासी हलचल के बीच, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने चुटकी लेते हुए कहा, 'ऑपरेशन सक्सेस। पेशेंट हेल्दी' (यानी सांसदों को लाने का ऑपरेशन सफल रहा)। उनके इस बयान पर सीएम एकनाथ शिंदे ने भी सहमति जताई।

'गाली-गलौज से तंग आकर छोड़ी पार्टी'
रविवार को एक वीडियो मैसेज जारी कर अष्टीकर ने कहा, 'मैंने 18 जून तक पार्टी बदलने का कोई फैसला नहीं किया था। लेकिन उस दिन मेरे लिए बहुत ही अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। तभी मैंने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया।' उन्होंने इशारों में उद्धव ठाकरे के करीबी संजय राउत पर निशाना साधा, जिन्होंने कथित तौर पर उनके लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया था।
अष्टीकर ने साफ किया, 'मैंने विचारधारा से कोई समझौता नहीं किया है। मैं बस एक शिवसेना से दूसरी शिवसेना में जा रहा हूं। विपक्ष में होने की वजह से 5 करोड़ रुपये के सांसद फंड के अलावा कुछ नहीं मिल रहा था। विकास के काम करना मुश्किल हो गया था। इसीलिए मैं शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल हो रहा हूं।'
निंबालकर ने भी कहा अलविदा
इस बीच, सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने भी शिंदे सेना में शामिल होने का ऐलान कर दिया। उनका नाम भी उन 6 बागी UBT सांसदों की लिस्ट में बताया जा रहा था। उन्होंने अपने क्षेत्र में एक जनसभा के बाद यह घोषणा की।
संजय राउत का पलटवार
वहीं, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने पलटवार करते हुए कहा, 'जो सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं, वे अपने क्षेत्र में लोगों के गुस्से से डरे हुए हैं। कुछ और असंतुष्ट सांसद अब भी हमारे संपर्क में हैं।'
