UAE Strait of Hormuz: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) होरमुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए तेज़ी से नए व्यापारिक रास्ते बना रहा है। इसका मकसद किसी भी टकराव की स्थिति में व्यापार को चालू रखना है।
UAE Hormuz Strategy: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अब होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी निर्भरता कम करने में जुट गया है। इसके लिए वह व्यापार के नए रास्ते और बंदरगाहों को तेज़ी से तैयार कर रहा है। यह UAE की एक लंबी सोच वाली रणनीति का हिस्सा है।
UAE के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ायौदी ने 'हिल्ली फोरम' में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब होरमुज़ में कोई रुकावट आती है, तो उसके लिए कई दूसरे रास्ते खोले जा रहे हैं।
इसमें सबसे अहम हैं पूर्वी तट पर मौजूद खोर फक्कान, फुजैरा और दिब्बा जैसे बंदरगाह। इन बंदरगाहों के विकास का काम तेज़ कर दिया गया है। इसके अलावा, दुनिया भर में तेल पहुंचाने के लिए नई पाइपलाइनें भी बिछाई जा रही हैं।
मंत्री ने साफ किया कि ये सिर्फ़ संकट से बचने के लिए बनाए गए अस्थायी रास्ते नहीं हैं, बल्कि ये एक स्थायी बदलाव है। उन्होंने बताया कि तनाव के दौरान भी UAE ने ओमान के साथ मिलकर सोहार और दुक़म बंदरगाहों के ज़रिए माल पहुंचाया। सड़क के रास्ते भी सामान की ढुलाई की गई।
इस रणनीति का असर भी दिख रहा है। होरमुज़ में तनाव के बावजूद, UAE के गैर-तेल व्यापार (non-oil trade) ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस साल के पहले छह महीनों में UAE की गैर-तेल विदेशी व्यापार से कमाई 1.94 ट्रिलियन दिरहम तक पहुंच गई, जो 13.1% की बढ़ोतरी है। गैर-तेल निर्यात में भी रिकॉर्ड बना है।
इसके अलावा, UAE ने 6 महाद्वीपों के 38 देशों के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement) भी पूरे कर लिए हैं।
