UP Budget 2026-27: योगी सरकार ने बजट 2026-27 में समाज कल्याण पर 14,953 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सामूहिक विवाह अनुदान 1.01 लाख किया गया है। पेंशन, छात्रवृत्ति, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं में भी बढ़ोतरी की गई है।

योगी सरकार ने बजट 2026-27 में समाज कल्याण को विशेष महत्व दिया है। वर्ष 2025-26 की तुलना में 8 प्रतिशत वृद्धि करते हुए कुल 14,953 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सरकार का लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

वृद्धावस्था और किसान पेंशन योजना के लिए बड़ा प्रावधान

बजट में वृद्धावस्था और किसान पेंशन योजना के लिए 8,950 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। वर्तमान में करीब 67.50 लाख लाभार्थियों को हर महीने 1000 रुपये पेंशन दी जा रही है, जिससे बुजुर्गों और जरूरतमंद किसानों को आर्थिक सहारा मिल रहा है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बढ़ी अनुदान राशि

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटियों की शादी के लिए मिलने वाली अनुदान राशि 51,000 रुपये से बढ़ाकर 1.01 लाख रुपये कर दी गई है। इस योजना के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा—

  • अनुसूचित जाति के निर्धन परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 100 करोड़ रुपये
  • सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

छात्रवृत्ति योजनाओं में वंचित वर्गों को प्राथमिकता

अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में 977 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए इस योजना में 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पीएम अजय योजना के तहत अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के छात्रावास निर्माण के लिए 13.09 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के अंतर्गत अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर और मुरादाबाद में छात्रावास निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

जनजातीय विकास के लिए ‘पीएम-जनमन’ अभियान

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान ‘पीएम-जनमन’ के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के समग्र विकास पर काम किया जा रहा है। देशभर के 63,000 से अधिक जनजातीय बाहुल्य गांवों और आकांक्षी जिलों को 18 विभागों की योजनाओं से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए 3,402 करोड़ रुपये

पिछड़ा वर्ग कल्याण योजनाओं के लिए 3,402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है।

  • पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 3,060.50 करोड़ रुपये
  • अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन परिवारों की बेटियों की शादी अनुदान योजना के लिए 210 करोड़ रुपये
  • छात्रावास निर्माण योजना के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए 2,140 करोड़ रुपये

दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं के लिए 2,140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत अधिक है। करीब 11 लाख दिव्यांगजन हर महीने 1000 रुपये पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2017 से पहले यह राशि केवल 300 रुपये थी। इस योजना के लिए 1,470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नई योजना के तहत दिव्यांग छात्राओं को ई-ट्राईसाइकिल देने के लिए 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 3 से 7 वर्ष आयु वर्ग के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित और मानसिक रूप से विशेष बच्चों के लिए बचपन डे केयर सेंटर हेतु 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के लिए 2,058 करोड़ रुपये

अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 2,058 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत 21 जिलों में मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 391 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।