मुरादाबाद में एक मुस्लिम दंपति को दलित महिला को बंधक बनाकर, बंदूक की नोक पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता ने छेड़छाड़ और जातिसूचक दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक मुस्लिम पति-पत्नी को एक दलित महिला को बंधक बनाकर, बंदूक की नोक पर जबरन उसका धर्म बदलवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला मझोला थाना इलाके का है। पीड़ित महिला प्रकाश नगर की रहने वाली है और आरोपी सुल्तान सलाउद्दीन और उसकी पत्नी मेहनाज़ (महराज बेगम) को करीब तीन साल से जानती थी। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच काफी करीबी रिश्ते थे और वे साथ में त्योहार भी मनाते थे।
महिला का आरोप है कि 6 फरवरी को मेहनाज़ ने उसे बहाने से अपने घर बुलाया। जब वो वहां पहुंची, तो सुल्तान सलाउद्दीन, उसकी पत्नी, एक मौलवी और दो अनजान लोगों ने उसे बंधक बना लिया। आरोपियों ने सुल्तान की लाइसेंसी पिस्टल उसके सिर पर रखकर जान से मारने की धमकी दी और मौलवी के सामने जबरन उसका धर्म परिवर्तन करा दिया।
पीड़िता ने लगाया जातिसूचक गाली-गलौज और छेड़छाड़ का आरोप
पीड़िता ने आगे बताया कि धर्म बदलवाने के बाद आरोपियों ने उस पर सुल्तान सलाउद्दीन से शादी करने का दबाव बनाया। जब उसने मना किया, तो मौलवी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जबरदस्ती शादी करना इस्लामी और शरिया सिद्धांतों के खिलाफ होगा। लेकिन, सुल्तान ने जोर देकर कहा कि वो उसे अपनी पत्नी बनाकर ही रहेगा।
महिला का यह भी आरोप है कि जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की, मारपीट की और कई दिनों तक बंधक बनाए रखा। कैद के दौरान, सुल्तान सलाउद्दीन ने उसके साथ छेड़छाड़ की और गलत हरकतें कीं। किसी तरह वह वहां से भागने में कामयाब रही, जिसके बाद आरोपियों ने उसे पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी दी।
यूपी पुलिस ने बताया कि सुल्तान सलाउद्दीन का आपराधिक रिकॉर्ड है और उस पर पहले भी बदायूं जिले में हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हो चुका है। मुरादाबाद पुलिस ने इस मामले में अपहरण, छेड़छाड़, आपराधिक धमकी, उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणवीर विजय सिंह ने बताया कि 11 जुलाई को शिकायत मिली थी। आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की। सुल्तान सलाउद्दीन और मेहनाज़ को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने फरार मौलवी और दो अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें बनाई हैं।
