US Iran Nuclear Talks: स्विट्जरलैंड में US और Iran के बीच अहम परमाणु वार्ता शुरू। 6 अरब डॉलर के प्रस्ताव, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर  दुनिया की नजर।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक कूटनीति के बीच आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधि पहली बार स्विट्जरलैंड में आमने-सामने बैठने जा रहे हैं। इस बैठक पर सिर्फ वॉशिंगटन और तेहरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसके नतीजे आने वाले महीनों में क्षेत्रीय सुरक्षा और परमाणु समझौते की दिशा तय कर सकते हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में आयोजित इस वार्ता में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल होंगे, जबकि ईरान का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री अब्बास अराघची, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और केंद्रीय बैंक प्रमुख अब्दोलनासेर हेम्मती करेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी मध्यस्थ पक्ष के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद रहेंगे।

Scroll to load tweet…

ईरान के सामने अमेरिका का बड़ा प्रस्ताव

बैठक से पहले अमेरिका ने ईरान को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉशिंगटन चाहता है कि ईरान अपने उन परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की अनुमति दे, जहां संवर्धित यूरेनियम रखे जाने की आशंका है। इसके बदले अमेरिका ने ईरान को 6 अरब डॉलर के फंड तक पहुंच देने का प्रस्ताव रखा है। बताया जा रहा है कि यह राशि कतर में फ्रीज पड़ी हुई है। यदि समझौते की दिशा में प्रगति होती है, तो ईरान इस धनराशि का उपयोग खाद्य सामग्री, दवाइयों, पुनर्निर्माण और अन्य मानवीय जरूरतों को पूरा करने में कर सकेगा।

Scroll to load tweet…

60 दिनों में अंतिम समझौते की तैयारी

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच एक अंतरिम सहमति बनी है। इसके तहत दोनों देशों ने 60 दिनों के भीतर व्यापक परमाणु समझौते की दिशा में आगे बढ़ने का लक्ष्य तय किया है। वार्ता में परमाणु कार्यक्रम के अलावा आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा, लेबनान में संघर्षविराम और पश्चिम एशिया की स्थिरता जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

Scroll to load tweet…

सिर्फ परमाणु मुद्दा नहीं, क्षेत्रीय शांति भी दांव पर

स्विट्जरलैंड में होने वाली यह बैठक केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। यह वार्ता मध्य पूर्व में भरोसे और स्थिरता की नई शुरुआत भी साबित हो सकती है। यदि शुरुआती दौर में दोनों पक्षों के बीच विश्वास कायम होता है, तो लंबे समय से चले आ रहे विवादों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति संभव है। हालांकि, बातचीत की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान अमेरिकी प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है। आज की बैठक से निकलने वाला संदेश आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।