Israel Airstrike Lebanon: US-Israel-Iran युद्ध के बीच लेबनान के बेरूत में इज़राइली एयरस्ट्राइक से 19 लोगों की मौत की खबर है। तेहरान के तेल डिपो पर हमलों से आग और तबाही मची। क्या यह मिडिल ईस्ट में बड़े क्षेत्रीय युद्ध की शुरुआत है? क्या होर्मुज जलडमरूमध्य संकट से वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है? दुनिया की नजर अब अगले कदम पर टिकी है।
US-Israel-Iran War 2026: मिडिल ईस्ट में जारी US-Israel-Iran War अब और खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। युद्ध के नौवें दिन लेबनान में इज़राइली हवाई हमलों की खबर सामने आई है, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इनमें बच्चे भी शामिल हैं। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।

क्या बेरूत और दक्षिणी लेबनान अब नए युद्ध मोर्चे बन गए हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के सिरे अल गरबिया इलाके में इज़राइली एयरस्ट्राइक ने एक तीन मंज़िला इमारत को निशाना बनाया। हमले के बाद पूरी इमारत मलबे में बदल गई। स्थानीय सिविल डिफेंस और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। रेड क्रिसेंट के अनुसार इस हमले से आसपास के हजारों घरों और दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 10,000 आम लोगों की इमारतें और सुविधाएँ क्षतिग्रस्त या नष्ट होने की रिपोर्ट है।

क्या इज़राइल सीधे ईरान की सैन्य ताकत को निशाना बना रहा है?
इसी बीच खबर है कि इज़राइली और अमेरिकी जेट विमानों ने ईरान के कई सैन्य और औद्योगिक ठिकानों पर भी हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार:
- तेहरान और अल्बोर्ज़ में चार तेल स्टोरेज फैसिलिटी पर हमला हुआ।
- एक फ्यूल ट्रांसफर सेंटर भी निशाना बना।
- हमले में चार टैंकर ड्राइवरों की मौत हो गई।
- हमलों के बाद शहर में बड़े पैमाने पर आग लग गई और सड़कों पर फैला ईंधन जलने से कई जगहों पर “आग की नदी” जैसी स्थिति बन गई।

क्या इस्फ़हान एयरबेस पर ईरान की एयरपावर को बड़ा नुकसान हुआ?
इज़राइल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) का दावा है कि पहले हुए हमलों के बाद इस्फ़हान एयरपोर्ट पर ईरान के कई F-14 फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिए गए। इसके अलावा इस्फ़हान में एक वर्कशॉप और एक घुड़सवारी क्लब पर भी हमला हुआ, जिसमें 11 लोगों की मौत की खबर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना हो सकता है।

क्या ईरान भी अमेरिका और उसके सहयोगियों पर जवाबी हमला कर रहा है?
ईरान कीइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत के अल-अदिरी एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। ईरानी दावों के मुताबिक इस हमले में US हेलीकॉप्टर रिपेयर सेंटर, फ्यूल टैंक और एक कमांड पोस्ट को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

क्या इस युद्ध का असर आम लोगों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है?
युद्ध का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें लगभग 400 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। दूसरी तरफ, इज़राइल में भी ईरान के जवाबी हमलों के बाद लगभग 2,000 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें कई लोग हमलों के दौरान सुरक्षित जगहों पर भागते समय घायल हुए।

क्या एयरस्पेस बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है?
युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट के कई इलाकों में एयरस्पेस बंद करना पड़ा है। हालांकि इस बीच कतर एयरवेज़ ने कुछ सीमित उड़ानें फिर से शुरू की हैं। दोहा से एम्स्टर्डम, लंदन, फ्रैंकफर्ट और ज्यूरिख के लिए कुछ वापसी उड़ानें संचालित की गई हैं, लेकिन एयरलाइन ने साफ कहा है कि यह पूरी तरह से सामान्य उड़ान सेवाओं की बहाली नहीं है।

क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी खतरा बढ़ रहा है?
इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में भी एक बड़ा हादसा हुआ है। यूएई के झंडे वाली एक टगबोट मुसफ्फा 2 बम के बाद डूब गई। इस घटना में तीन इंडोनेशियाई क्रू सदस्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारी और बचाव दल लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।

क्या मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है?
लेबनान पर हमले, ईरान में एयरस्ट्राइक, कुवैत बेस पर ड्रोन हमले और समुद्री घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि US-Israel-Iran Conflict अब कई देशों तक फैल चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो यह संघर्ष पूरे मिडिल ईस्ट को प्रभावित करने वाला बड़ा क्षेत्रीय युद्ध बन सकता है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में ईरान, इज़राइल और अमेरिका अगला कदम क्या उठाते हैं।


