UP ATS Arrested 4 Terrorists : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एटीएस और पुलिस ने चार ऐसे आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जिनके तार आईएसआई से जुड़े थे। जो पाकिस्तान के कहने पर भारत में कई जगह धमाका करने वाले थे। 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एटीएस ने गुरुवार को 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया। लेकिन अब डिमांड पर लेने के बाद जब इनके बारे में खुलासा हुआ तो सुनकर सुरक्षा एजेंसियों के होश ही उड़ गए। क्योंकि चारों आतंकी भारत में कई जगह पर धमाका करने की तैयारी में थे। इतना ही नहीं पाकिस्तान के हैंडलर्स के कहने पर देश में आगजनी और दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे।

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पाकिस्तान नेभारत में धमाके का टारगेट दिया था

एटीएस की जांच में सामने आया है कि चारों के तार आईएसआई से जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने चारों को भारत में धमाके का टारगेट दिया था। इसलिए आरोपी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, रेलवे स्टेशन. वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स की रेकी कर रहे थे। ताकि भारत में किसी तरह से डर और अस्थिरता का माहौल पैदा हो सके।

लखनऊ रेलवे स्टेशन को उड़ाने की थी तैयारी

एटीएस की शुरुआती पूछताछ में कई अहम सुराग सुराग मिले हैं। इनके पास से केमिकल से भरा कैन, 7 मोबाइल, 24 पंपलेट और आधार कार्ड बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है चारों सबसे पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे के सिग्नल बॉक्स को उड़ाने वाले थे। आरोपियों के मोबाइल की बारीकी से चेक किया जा रहा है। ताकि यह पता चल सके हि इस गिरोह में अभी कौन कौन जुड़े हैं और उनकी पूरी प्लानिंग क्या थी। बताया तो यह भी जा रहा है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स इन चारों को पहले गूगल लोकेशन भेजते थे, जिसके आधार पर यह लोग मौके पर पहुंचकर उसकी रैकी करते थे। इतना ही नहीं इन चारों को सोशल मीडिया के ऐसे ग्रुप में जोड़ा गया था जहां धर्म के आधार पर हिंसा को लेकर बयानबाजी करते थे।

कौन हैं यह चारों आतंकी जो लखनऊ से पकड़े गए

आतंकियों की पहचान साकिब उर्फ डेविल, विकास गहलावत उर्फ रौनक, लोकेश उर्फ बाबू, उर्फ पपला पंडित और अरबाब के रूप में हुई है। इन चारों का मुख्य सरगना साकिब था, जिसके कहने पर तीनों लोग अंजाम देते थे। साकिब मेरठ के अगवानपुर गांव का रहने वाला है। जो कि वह नाई का काम करता था। लेकिन असली काम देश में हिंसा फैलाना था। साकिब ने अपने गांव के ही अरबाब को इस नेटवर्क में शामिल किया। इसके बाद उसने सोशल मीडिया के जरिए गौतमबुद्ध नगर के विकास गहलावत और लोकेश को भी गिरोह से जोड़ा। साकिब वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के हैंडलर्स के संपर्क में आया था।