मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनी है। वर्ष 2019 से अब तक 1.08 लाख किसानों को सहायता मिली। दुर्घटना या दिव्यांगता पर 5 लाख तक की मदद दी जाती है। योजना का डिजिटलीकरण फरवरी 2026 तक पूरा होगा।
लखनऊ। प्रदेश के किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से लागू की गई मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना आज एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में वर्ष 2019 से संचालित इस योजना ने हजारों किसान परिवारों को कठिन समय में आर्थिक संबल प्रदान किया है।
अब तक इस योजना के अंतर्गत 1 लाख 8 हजार से अधिक किसानों या उनके परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसका पूर्ण डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। यह योजना न केवल किसान परिवारों को सहारा दे रही है, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
दुर्घटना या दिव्यांगता की स्थिति में 5 लाख तक की सहायता
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत यदि किसी किसान की दुर्घटनावश मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होती है, तो उसके परिवार को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता सीधे किसान परिवार के लिए राहत और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में हजारों किसानों को मिला लाभ
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा 873.58 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से प्रदेश के 18,145 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह आंकड़ा योजना की व्यापक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।
भूमिहीन किसानों और खेतिहर श्रमिकों को भी मिला लाभ
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2023-24 में योजना के दायरे का विस्तार किया गया। इसके तहत भूमिहीन किसानों और खेतिहर मजदूरों को भी योजना में शामिल किया गया। वर्ष 2023-24 में 944.72 करोड़ रुपये वितरित कर 23,821 किसानों को सहायता दी गई थी। योजना की शुरुआत वर्ष 2019 से अब तक कुल 1,08,098 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक मदद मिल चुकी है, जो इनके लिए एक स्थायी सामाजिक सुरक्षा कवच साबित हो रही है।
डिजिटलीकरण से बढ़ेगी पारदर्शिता और प्रभाव
योजना के सुचारू और पारदर्शी संचालन के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजस्व परिषद द्वारा योजना का पूर्ण डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इसके लिए एनआईसी के सहयोग से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जो फरवरी 2026 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
ऑनलाइन पोर्टल से आसान होगी आवेदन प्रक्रिया
योजना के पूरी तरह ऑनलाइन होने के बाद किसानों को तहसील या जिला कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदन से लेकर लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से राशि ट्रांसफर की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी समाप्त होंगी।
डैशबोर्ड से होगी निगरानी, बढ़ेगा भरोसा
पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए इस पोर्टल को एक विशेष डैशबोर्ड सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इससे योजना की निगरानी और क्रियान्वयन और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना कठिन परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक सहारा देकर योगी सरकार की किसान-हितैषी सोच को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।


