मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन रहा है। ईसीएमएस योजना के तीसरे चरण में यूपी को अहम स्वीकृति मिली है, जिससे निवेश, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी।

कभी कृषि और परंपरागत उद्योगों के लिए पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के मजबूत केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तीसरे चरण में उत्तर प्रदेश को मिली अहम हिस्सेदारी इस बदलाव का बड़ा संकेत है।

ईसीएमएस के तीसरे चरण में यूपी को अहम स्वीकृति

केंद्र सरकार द्वारा ईसीएमएस के तीसरे चरण में कुल 22 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें उत्तर प्रदेश के 04 आवेदन शामिल हैं। प्रदेश उन 11 राज्यों में शामिल है, जहां इस योजना के तहत परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।इस योजना के अंतर्गत देशभर में लगभग 41,863 करोड़ रुपये के निवेश और 33,791 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और युवाओं को मिलेगा।

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निवेश अनुकूल नीतियों से बढ़ा भरोसा

योगी सरकार ने बीते वर्षों में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया है। वर्ष 2017 में अधिसूचित उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी 2025 ने प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया है। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते उत्तर प्रदेश आज इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में देश का अग्रणी प्रदेश

उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी मोबाइल विनिर्माण केंद्र बन चुका है। प्रदेश में देश के 55 प्रतिशत से अधिक स्मार्टफोन और 50 से 60 प्रतिशत मोबाइल कंपोनेंट्स का उत्पादन किया जा रहा है। ईसीएमएस के तहत स्थापित होने वाली नई इकाइयां इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को और मजबूत करेंगी तथा आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

हाई वैल्यू कंपोनेंट्स से आत्मनिर्भरता की ओर

ईसीएमएस परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में पीसीबी, डिस्प्ले मॉड्यूल, लिथियम आयन सेल और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा। इससे मोबाइल और आईटी हार्डवेयर उद्योग को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश में हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार होगा।

आत्मनिर्भर भारत की सोच को मिल रही मजबूती

योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाला प्रदेश बनाना है। निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार किया गया इकोसिस्टम अब परिणाम देने लगा है। ईसीएमएस के तहत मिली स्वीकृतियां इस बात का प्रमाण हैं कि राष्ट्रीय और वैश्विक निवेशकों का भरोसा उत्तर प्रदेश पर लगातार बढ़ रहा है।

ईएसडीएम सेक्टर में 200 से अधिक कंपनियां सक्रिय

प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) सेक्टर से जुड़ी 200 से अधिक कंपनियां कार्यरत हैं। इनमें वीवो, ओप्पो, सैमसंग, लावा, हायर और एलजी जैसी बड़ी कंपनियों के साथ-साथ होलिटेक, ट्रांसशन, जाह्वा, सनवोडा और सैमक्वांग जैसे प्रमुख कंपोनेंट सप्लायर्स भी शामिल हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में अपनी उत्पादन इकाइयां स्थापित की हैं।

स्पष्ट है कि नीति, नेतृत्व और निवेश के संगम से उत्तर प्रदेश अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में मजबूती से खड़ा होता नजर आ रहा है।

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