मकर संक्रांति पर प्रयागराज के संगम में माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व पर 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया। सनातनी किन्नर अखाड़े ने भी गंगा स्नान किया और सनातन एकता का संदेश दिया।

प्रयागराज। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। त्रिवेणी तट पर आयोजित माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व पर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। प्रशासन की ओर से की गई चाक-चौबंद व्यवस्था के चलते यह स्नान पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुआ।

माघ मेला के घाटों पर सुबह से शुरू हुआ पुण्य स्नान

माघ मेला क्षेत्र के सभी प्रमुख घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के स्नान का क्रम शुरू हो गया था। कल्पवासियों ने त्रिवेणी तट पर पहुंचकर संगम में आस्था की डुबकी लगाई और खिचड़ी व गुड़ का दान कर मकर संक्रांति की परंपरा निभाई। दंडी साधुओं और आचार्य संप्रदाय के संतों ने नजदीकी गंगा घाटों पर स्नान कर उत्तरायण भगवान भास्कर की विधिवत पूजा-अर्चना की।

संक्रांति स्नान के लिए पहुंचे नागा संन्यासी

हालांकि माघ मेले में अखाड़ों के सामूहिक स्नान की परंपरा नहीं है, लेकिन अखाड़ों से जुड़े कई नागा संन्यासी मकर संक्रांति के अवसर पर संगम पहुंचे। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मोक्ष की कामना के साथ संगम में पुण्य स्नान किया।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने की गंगा पूजा

इसी अवसर पर ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संगम पर गंगा पूजन किया और अपनी ‘गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा’ का विधिवत शुभारंभ किया। मौसम साफ रहने के कारण दिनभर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही।

एक दिन में 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी

मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन गुरुवार शाम चार बजे तक 91 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। सूर्यास्त तक यह संख्या बढ़कर 1.03 करोड़ तक पहुंच गई, जो माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व की ऐतिहासिक उपस्थिति को दर्शाता है।

सनातनी किन्नर अखाड़े ने किया गंगा स्नान

मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर माघ मेला क्षेत्र के प्रयागवाल नगर में कल्पवास कर रहा सनातनी किन्नर अखाड़ा भी पूरे उत्साह के साथ गंगा स्नान के लिए निकला। गंगा तट की ओर जाते समय अखाड़े के शिष्यों ने तांडव नृत्य की प्रस्तुति दी, जिससे वातावरण भक्तिमय और अलौकिक हो गया।

कुलदेवी बउचरा माता को कराया गया गंगा स्नान

गंगा तट पहुंचकर किन्नर अखाड़े के सदस्यों ने सबसे पहले अपनी कुलदेवी बउचरा माता को गंगा स्नान कराया। इसके बाद अखाड़े के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से संगम में पुण्य की डुबकी लगाई।

बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न पर एकजुट होने का आह्वान

इस अवसर पर किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे उत्पीड़न को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सनातनियों को एकजुट होने के आह्वान को अब संकल्प में बदलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि सभी सनातनी एकजुट रहेंगे तभी सुरक्षित और सशक्त रह पाएंगे।