महाशिवरात्रि पर प्रयागराज माघ मेले का समापन हुआ, जहां 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में रुद्राभिषेक किया। काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भी लाखों भक्तों ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
लखनऊ। प्रयागराज के पावन संगम तट पर लगे धर्म, त्याग और समर्पण के माघ मेले का समापन रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुआ। पूरे संगम क्षेत्र में “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय रहा। श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला।
माघ मेला रिकॉर्ड श्रद्धालु : 22 करोड़ से अधिक लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी
महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर लगभग 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान किया। पूरे 44 दिन चले माघ मेले में कुल श्रद्धालुओं की संख्या 22 करोड़ से अधिक रही, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार मेले की तैयारियों और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे और महाशिवरात्रि के दिन भी आयोजन की जानकारी लेते रहे।
गोरखपुर महाशिवरात्रि पूजा : मुख्यमंत्री योगी का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक
गोरखपुर में महाशिवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। उन्होंने प्रदेशवासियों के आरोग्य, सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। इसके अलावा अंधियारी बाग स्थित मानसरोवर मंदिर और भरोहिया के पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी उन्होंने दर्शन-पूजन कर दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक किया तथा पूरे जगत के कल्याण की प्रार्थना की।
काशी विश्वनाथ धाम महाशिवरात्रि : पुष्पवर्षा से स्वागत, लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी
महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम पूरी तरह आस्था और उत्साह से सराबोर रहा। शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के विवाहोत्सव के साक्षी बनने बड़ी संख्या में पहुंचे। भक्तों ने बेलपत्र, गंगाजल और दूध अर्पित कर पूजा की। देश-विदेश के 63 मंदिरों से आई भेंट भगवान श्री विश्वेश्वर को अर्पित की गई। यह भेंट मध्याह्न भोग आरती में समर्पित कर श्रद्धालुओं में प्रसाद रूप में वितरित की गई। शाम छह बजे तक 5,20,000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
अयोध्या महाशिवरात्रि भीड़ : प्रमुख शिवालयों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम
अयोध्या में महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। नागेश्वर नाथ मंदिर और क्षीरेश्वर नाथ मंदिर सहित कई प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे अयोध्या धाम को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया तथा प्रत्येक क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।


