लखनऊ में 1,519 करोड़ रुपये की ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। 28 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और 45 मिनट का सफर अब 10-15 मिनट में पूरा हो सकेगा। इससे ट्रैफिक जाम भी कम होगा।
लखनऊ। रक्षा मंत्री Rajnath Singh और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शुक्रवार को लखनऊ में लगभग 1,519 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि राजधानी अब सच में “मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं” की पहचान को साकार कर रही है। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ नए भारत के आधुनिक और विकसित शहर के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की राजधानी ऐसी होनी चाहिए जहां लोगों का जीवन आसान हो और वे बिना परेशानी के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इसी उद्देश्य से लखनऊ में आधुनिक कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया जा रहा है।
राजनाथ सिंह के विजन से साकार हुआ लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि जब लखनऊ की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने का विचार सामने आया, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका विजन प्रस्तुत किया था। उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए Lucknow Development Authority ने इस परियोजना को जमीन पर उतारा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजधानी में यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे शहरवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक की समस्या कम होगी।
बिना सरकारी बजट के पूरा हुआ 1,519 करोड़ का प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट नहीं दिया। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शहर की सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया और उसका सही उपयोग करते हुए संसाधन जुटाए। इन्हीं संसाधनों के माध्यम से लगभग 1,519 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के क्षेत्र में यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि बेहतर प्रबंधन और संसाधनों के सही उपयोग से बड़े प्रोजेक्ट भी बिना अतिरिक्त बजट के पूरे किए जा सकते हैं।
28 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर करेगा राजधानी को कनेक्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत आईआईएम रोड से पक्का पुल और पक्का पुल (डालीगंज) से समता मूलक चौराहा तक के पहले दो चरणों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनका लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही समता मूलक चौराहा से शहीद पथ और शहीद पथ से किसान पथ तक के तीसरे और चौथे चरण का शिलान्यास भी किया गया है। पूरी परियोजना लगभग 28 किलोमीटर लंबी होगी, जो राजधानी के अलग-अलग हिस्सों को आपस में जोड़ते हुए यातायात को अधिक सुगम बनाएगी।
45 मिनट का सफर अब 10-15 मिनट में होगा पूरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर बनने के बाद राजधानी की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। जहां पहले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लगता था, वहीं अब वही दूरी सिर्फ 10 से 15 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे समय की बचत होगी और शहर में जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होगी। उन्होंने बताया कि लखनऊ में लगातार बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। अवैध कब्जों से जमीन को मुक्त कराकर वहां करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे शहर में नई सुविधाएं विकसित हो रही हैं।
लखनऊ बन रहा आधुनिक राजधानी का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और विदेश से आने वाले लोग लखनऊ की साफ-सफाई, बेहतर सड़क व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं की सराहना करते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee की सरकार के समय राजनाथ सिंह ने लखनऊ को शहीद पथ की सौगात दी थी।
बाद में प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari के सहयोग से किसान पथ का निर्माण किया गया, जिसने लखनऊ को बाहरी रिंग रोड के रूप में नई पहचान दी। आज ये मार्ग शहर के विस्तार और भविष्य के विकास की मजबूत आधारशिला बन चुके हैं।
रक्षा उत्पादन और टेक्नोलॉजी का नया केंद्र बन रहा लखनऊ
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से यहां ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना स्थापित हुई है, जहां प्रदेश के युवा इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई से पढ़े युवाओं को अब अपने ही प्रदेश में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित हो रहा लखनऊ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे राजधानी और आसपास के क्षेत्रों का संतुलित और तेज विकास संभव होगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन झूलेलाल वाटिका में किया गया, जो कभी अवैध कब्जे में था। उसे हटाकर अब सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि 19 मार्च से नव संवत्सर (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के अवसर पर यहां झूलेलाल महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
वैश्विक चुनौतियों के बीच यूपी बनेगा ग्रोथ इंजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस समय वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां मौजूद हैं। गल्फ क्षेत्र में युद्ध जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं और आर्थिक चुनौतियां भी सामने हैं। इसके बावजूद मजबूत नेतृत्व के कारण भारत तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश भी इस विकास यात्रा में पीछे नहीं रहेगा और देश के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
CM और रक्षा मंत्री ने निर्माण कर्मियों का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परियोजना में काम करने वाले निर्माण कर्मियों का सम्मान किया। उन्होंने इन कर्मियों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किए। इसके बाद दोनों नेताओं ने निर्माण कर्मियों के साथ समूह फोटो भी खिंचवाया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री Suresh Khanna, राज्यसभा सांसद Dinesh Sharma सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
लखनऊ को मिला ग्रीन कॉरिडोर का बड़ा तोहफा
लखनऊ के नागरिकों के लिए यातायात को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। डालीगंज पक्का पुल से समतामूलक चौराहे तक लगभग 7 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करीब 299 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है, जो ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का हिस्सा है।
इस सड़क के शुरू होने से शहर में आवागमन आसान होगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। इसके अलावा ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे और चौथे चरण की लगभग 1,220 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया है। भविष्य में आईआईएम रोड से पक्का पुल, समतामूलक चौराहा, पिपराघाट, शहीद पथ और किसान पथ तक करीब 28 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर तैयार होगा। यह कॉरिडोर लखनऊ की लाइफलाइन बनकर शहरवासियों के लंबे समय से देखे जा रहे सपने को साकार करेगा।


