मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा सहकारी चीनी मिल मोरना के आधुनिकीकरण व विस्तार के लिए 261.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इससे पेराई क्षमता बढ़ेगी, किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुजफ्फरनगर के मोरना स्थित द गंगा सहकारी चीनी मिल के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए 261.91 करोड़ रुपये की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय

धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि यह फैसला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिया गया यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने, समय पर गन्ना भुगतान सुनिश्चित करने और चीनी उद्योग को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

2500 TCD से 5000 TCD तक बढ़ेगी पेराई क्षमता

मलिक ने बताया कि द गंगा सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता को पहले चरण में 2500 TCD से बढ़ाकर 3500 TCD किया जाएगा और भविष्य में इसे 5000 TCD तक ले जाने की योजना है। इसके लिए लगभग 262 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे मिल की उत्पादन क्षमता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

किसानों को समय पर भुगतान और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा

इस आधुनिकीकरण से पेराई प्रक्रिया तेज होगी, जिससे किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर मिल सकेगा। साथ ही, मिल के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह निर्णय न केवल मोरना क्षेत्र, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था को प्रोत्साहन

धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के कारण मिल की कार्यक्षमता बढ़ेगी और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा। इससे चीनी उद्योग को आधुनिक स्वरूप मिलेगा और किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।

किसान कल्याण योजनाओं से बढ़ा भरोसा

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समयबद्ध गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी मिलों का आधुनिकीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना विकास और किसान-हितैषी योजनाओं ने किसानों के मन में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है। मलिक ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का गन्ना क्षेत्र लगातार प्रगति करता रहेगा।