उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य चर्चा में हैं। जिस मंत्री के हाथ में पूरे प्रदेश की महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी है, आखिर उन्हें अपने ही पति के खिलाफ पुलिस के पास क्यों जाना पड़ा? पति पर हत्या की साजिश समेत कई गंभीर आरोप लगाए और अब पुलिस ने उन्हें झांसी से गिरफ्तार कर लिया है।

उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी का विवाद सुर्खियों में है। पत्नी की शिकायत पर दर्ज गंभीर मुकदमे के बाद पुलिस को चकमा दे रहे गिरधारी लाल को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले ने इसलिए भी ज्यादा चर्चा बटोरी है, क्योंकि शिकायत करने वाली कोई आम महिला नहीं, बल्कि राज्य सरकार की कैबिनेट मंत्री हैं। आखिर कौन हैं रेखा आर्य, उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा और ऐसी क्या वजह थी कि उन्हें अपने ही पति के खिलाफ पुलिस तक पहुंचना पड़ा?

कौन हैं रेखा आर्य?

  • रेखा आर्य उत्तराखंड की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ महिला नेताओं में शामिल हैं। वह अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर विधानसभा सीट से विधायक हैं। फिलहाल पुष्कर सिंह धामी सरकार में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इसके अलावा उनके पास खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, खेल और युवा कल्याण विभाग भी हैं।
  • रेखा आर्य का जन्म अल्मोड़ा जिले में हुआ। उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से एमकॉम और बीएड की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वह शिक्षण कार्य से भी जुड़ी रही हैं। उनका राजनीतिक सफर जिला पंचायत से शुरू हुआ था। साल 2014 में उन्होंने सोमेश्वर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की। इसके बाद 2017 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीता और 2022 में भी सोमेश्वर से विधायक चुनी गईं।

क्यों पति के खिलाफ कराई FIR?

  • रेखा आर्य ने 15 अक्टूबर 2026 को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने मारपीट, मानसिक उत्पीड़न, धोखाधड़ी, जातिसूचक टिप्पणी, धमकी और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
  • मंत्री का आरोप था कि उनके पति ने अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों और हस्ताक्षरों के जरिए उन्हें कंपनियों के निदेशक पद से हटाने की कोशिश की गई। रेखा आर्य ने एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए अपनी और बच्चों की जान को खतरा भी बताया था।

पति ने भी लगाए थे आरोप

मामला सामने आने के बाद गिरधारी लाल साहू ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी पत्नी पर आरोप लगाए थे। उन्होंने रेखा आर्य पर भ्रष्टाचार और अपने विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी करने जैसे आरोप लगाए थे। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 4 नवंबर को गिरधारी लाल की एफआईआर रद्द करने की याचिका भी खारिज कर दी थी।

झांसी से कैसे हुई गिरफ्तारी?

  • एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार गिरधारी लाल साहू की तलाश कर रही थी। जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजे जाने के बावजूद वह पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया गया। उनकी अग्रिम जमानत की कोशिश भी नाकाम रही। आखिरकार 7 नवंबर 2026 को देहरादून पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तारी झांसी से हुई है।
  • अब पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले से जुड़े दस्तावेजों, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों की जांच करेगी। हालांकि, गिरधारी लाल पर लगे आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। गिरफ्तारी को दोष साबित होना नहीं माना जा सकता।