चंदन तस्कर वीरप्पन की बेटी विद्या रानी ने दावा किया कि बचपन में एक IPS अफसर ने उन्हें गोली मारने का आदेश दिया था। 'नाम तमिलर कच्ची' पार्टी की उम्मीदवार विद्या के अनुसार, एक दूसरे पुलिसकर्मी ने उनकी जान बचाई थी।

चेन्नई: चंदन तस्कर वीरप्पन की बेटी विद्या रानी ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि जब वह एक छोटी बच्ची थीं, तब एक IPS अफसर ने उन्हें गोली मारने का आदेश दिया था। एशियानेट न्यूज से बात करते हुए विद्या ने बताया कि एक दूसरे पुलिसकर्मी ने उनकी जान बचाई। विद्या रानी सलेम के मेट्टूर से 'नाम तमिलर कच्ची' पार्टी की उम्मीदवार हैं और चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने यह बातें कहीं।

विद्या रानी कहती हैं, "मेरे पिता का इतिहास और उनके कदमों के निशान यहीं हैं। यहां ऐसे लोग हैं जिन्हें स्पेशल टास्क फोर्स ने बहुत सताया था।" उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है। "पापा हमेशा लोगों के बीच रहते थे। उन्होंने कभी लोगों के खिलाफ कुछ नहीं किया। यह बात मैं नहीं, यहां के लोग कहते हैं। यह उनके दिल से निकली आवाज है।" विद्या ने आगे कहा, "मुझे गोली चलाना पसंद है, यह मेरे खून में है। लेकिन मैं बिना लाइसेंस के बंदूक नहीं उठा सकती। मेरी बातें भी गोली की तरह तेज हैं।"

अपने पिता से मुलाकात को याद करते हुए विद्या ने बताया कि वह उनसे जिंदगी में सिर्फ एक बार मिली हैं, जब वह तीसरी क्लास में पढ़ती थीं। "उन्होंने मुझे अपनी गोद में बिठाया, एक ही थाली में खाना खिलाया और बंदूक पकड़ना सिखाया। वह रो पड़े थे और कहा, 'मेरी जिंदगी तो खत्म हो गई। तुम उन लोगों के लिए जीना जिन्होंने हमारी मदद की'।" इसी बातचीत में उन्होंने बचपन की एक खौफनाक घटना का भी जिक्र किया। "कर्नाटक के एक IPS अफसर ने दूसरे पुलिसवाले से मुझे गोली मारने को कहा था। उस पुलिसवाले ने मुझे गोद में उठाकर मेरी जान की भीख मांगी। इस तरह मैं बच गई। यह बात मुझे संसद चुनाव के बाद ही पता चली।"

कानून में ग्रेजुएट (लॉ ग्रेजुएट) विद्या रानी ने पिछले लोकसभा चुनाव में कृष्णागिरी सीट से एक लाख से ज्यादा वोट हासिल कर सबको चौंका दिया था। उन्होंने बीजेपी छोड़कर सीमान की पार्टी में शामिल होने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा, "क्या मैं बीजेपी से पूछ सकती हूं कि वो जनता के लिए क्या करेंगे? वहां मुझे वही करना पड़ता जो वे कहते।" विद्या का जन्म पुलिस हिरासत में हुआ था और उनका नाम 'विद्या रानी' IPS अफसर शैलेंद्र बाबू ने रखा था। वह कहती हैं, “मैं अपने मां-बाप की पाली-पोसी बच्ची नहीं हूं। मैंने जनता के पैसे से पढ़ाई की और बड़ी हुई हूं।”