वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दोहरे भूकंप से भारी तबाही मची। 20 आफ्टरशॉक के बाद USGS ने बड़े नुकसान की चेतावनी दी, जबकि राहत-बचाव अभियान जारी है।

काराकास: बुधवार की शाम वेनेजुएला के इतिहास में एक ऐसा गहरा जख्म दे गई है, जिसकी भरपाई शायद सदियों तक न हो सके। शाम 6 बजे के कुछ ही देर बाद, जब लोग अपने घरों में लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक प्रकृति ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि पल भर में सब कुछ मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। वेनेजुएला के तट पर आए दो विनाशकारी महा-भूकंपों और उसके बाद आए 20 से ज़्यादा आफ्टरशॉक्स ने पूरे देश को कयामत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। बचाव कार्य अभी शुरू ही हुआ था कि U.S. जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के एक शुरुआती अनुमान ने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस महा-आपदा का पैमाना इतना खौफनाक है कि मरने वालों की संख्या 10,000 से लेकर 100,000 (1 लाख) से भी पार जा सकती है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश को संबोधित करते हुए आपातकाल (National Emergency) का ऐलान कर दिया है।

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क्या है 'डबलट' का खौफनाक रहस्य? एक मिनट में दो बार फटी धरती

भूविज्ञान की दुनिया में इस घटना को सबसे खतरनाक माना जाता है, जिसे 'डबलट' (Doublet) भूकंप कहा जाता है। इसका मतलब है कि दो विनाशकारी भूकंपों का बहुत कम समय के अंतराल पर, बैक-टू-बैक आना।

  • पहला झटका: USGS के अनुसार, पहले भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.2 (फोरशॉक) मापी गई। इसका केंद्र काराकस से 168 किलोमीटर पश्चिम में मोरोन इलाके के पास 22 किलोमीटर की गहराई में था।
  • दूसरा झटका: लोग पहले झटके से संभल पाते, इससे ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का मुख्य भूकंप (मेनशॉक) आया, जिसकी गहराई महज 10 किलोमीटर थी।

इस दोहरे प्रहार ने तबाही को कई गुना बढ़ा दिया। पहले झटके से जो इमारतें जर्जर हुई थीं, दूसरे झटके ने उन्हें पूरी तरह जमींदोज कर दिया, जिससे मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने का काम लगभग नामुमकिन सा हो गया है।

साइमन बोलिवर एयरपोर्ट पर मची अफरा-तफरी: ढह गई टर्मिनल की छत!

इस महा-भूकंप का असर वेनेजुएला के सबसे मुख्य और व्यस्त हवाई अड्डे, 'साइमन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' पर भी बेहद खौफनाक रहा। भूकंप के हिंसक झटकों के कारण पैसेंजर टर्मिनल एरिया की छत का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। छत ढहने से पूरे टर्मिनल परिसर में कंक्रीट का मलबा और धूल का गुबार फैल गया, जिससे वहां मौजूद यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ में भगदड़ मच गई। अधिकारियों ने आनन-फानन में पूरे एयरपोर्ट को खाली कराया और भारी नुकसान को देखते हुए इसे अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही, देश भर में सुरक्षा के मद्देनजर कई दिनों के लिए स्कूल-कॉलेजों की कक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।

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सड़कों पर बिखरा घरों का साजो-सामान: जब आंखों के सामने गायब हो गईं दीवारें

राजधानी काराकास का मंजर इस वक्त किसी युद्धग्रस्त क्षेत्र जैसा दिखाई दे रहा है। भूकंप आते ही बहुमंजिला इमारतें इस तरह डोल रही थीं कि लोग चीखते हुए सड़कों की तरफ भागे। चश्मदीदों के मुताबिक, उन्होंने अपनी आंखों के सामने पूरी की पूरी दीवारें गिरते हुए देखीं। दीवारें ढहने से सड़कों पर खड़े लोगों को घरों के अंदर रखा फर्नीचर साफ दिखाई दे रहा था। काराकास के दो सबसे व्यस्त इलाकों में, जहां आमतौर पर रेस्टोरेंट्स और बाजारों में भारी चहल-पहल रहती थी, वहां अब सिर्फ धूल और धुएं के विशाल गुबार तैर रहे हैं। डरे-सहमे लोग सड़कों और खुले मैदानों में शरण लिए हुए हैं और अपनों को तलाश रहे हैं।

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समंदर में उठीं विनाशकारी लहरें: वर्जिन आइलैंड्स तक सुनामी का महा-अलर्ट

इस सदी के सबसे शक्तिशाली भूकंप के झटकों की गूंज वेनेजुएला की सीमाओं को लांघकर कैरेबियन सागर तक पहुंच गई। भूकंप के तुरंत बाद, US पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने वर्जिन आइलैंड्स के लिए सुनामी का हाई-अलर्ट जारी कर दिया। इसके साथ ही डोमिनिकन रिपब्लिक के अधिकारियों ने भी अपने द्वीपों के लिए चेतावनी जारी की। हालांकि, प्यूर्टो रिको के लिए जारी किए गए एक अन्य अलर्ट को बाद में हटा लिया गया, लेकिन तटीय इलाकों में अभी भी कड़ा पहरा है।

कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने जनता से बेहद भावुक अपील करते हुए कहा, "हम लोगों से शांत रहने और एकता बनाए रखने का आग्रह करते हैं।" धमाकों और आगजनी को रोकने के लिए पूरे प्रभावित इलाके में गैस सप्लाई बंद कर दी गई है। गृह मंत्री डायोस्डैडो कैबेलो ने देश के सभी डॉक्टरों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स से तुरंत अस्पतालों में पहुंचने की गुहार लगाई है ताकि लगातार आ रहे 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स के बीच घायलों की जान बचाई जा सके। मलबे के नीचे दबी जिंदगियों को निकालने के लिए रात-दिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।