Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में 126 साल का सबसे भयंकर भूकंप आया। तबाही के बीच आए एक महिला की वॉट्सऐप मैसेज की स्टोरी ने हर किसी को इमोशनल कर दिया है।
Venezuela Disaster: बुधवार की शाम साउथ अमेरिकी देश वेनेजुएला में तबाही लेकर आया। एक तरफ तबाही मची थी, इमारतें हिल रही थीं, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग्स धराशाई हो रही थीं, दूसरी तरफ लोग अपने अपनों को मैसेज भेज रहे थे। कुछ सेकंड के अंदर सब कुछ बदल गया था। भीषण भूकंप के बाद सामने आई एक वॉट्सऐप (WhatsApp) कहानी ने पूरी दुनिया को इमोशनल कर दिया है। राजधानी कराकस से आए एक वॉइस मैसेज में एक महिला ने अपनी बहन से कहा, 'घर बहुत जोर से हिल रहा है... लगता है हम अब जिंदा नहीं बचेंगे।' इसके बाद कई घंटों तक उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। आइए जानते हैं वेनेजुएला में आखिर क्या हुआ...

वेनेजुएला में कुछ सेकंड में बदल गई जिंदगी
24 जून की शाम वेनेजुएला में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर दो शक्तिशाली भूकंप आए। पहले झटके के बाद लोग संभल भी नहीं पाए थे कि दूसरा और ज्यादा ताकतवर झटका आ गया। कई शहरों में इमारतें टूट गईं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और हजारों लोग घर छोड़कर खुले मैदानों में पहुंच गए। राजधानी कराकस के कई हिस्सों में बिजली चली गई, जबकि मेट्रो और ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सरकार को नेशनल इमरजेंसी घोषित करना पड़ा।
आलीशान इलाके भी नहीं बच पाए
कराकस के कई पॉश इलाकों में ऊंची इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। कुछ बिल्डिंग्स झुक गईं, जबकि कई जगह मलबे के ढेर लग गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग सड़कों पर भागते और मदद के लिए पुकारते दिखाई दिए।
उस WhatsApp मैसेज जिसने सबको रुला दिया
बीबीसी की पत्रकार वैलेंतीना ओरोपेजा ने बताया कि, 'बुधवार शाम मेरी बहन वैरोनिका का वॉट्सऐप ऑडियो मैसेज मिला। मैसेज में उसकी घबराई हुई आवाज सुनाई दे रही थी। वह कह रही थी कि घर बुरी तरह कांप रहा है और हालात बेहद डरावने हैं। इसके बाद घंटों तक उसका फोन नहीं लगा। परिवार को लगा कि शायद अब वह सुरक्षित नहीं है। फिर कई घंटे बाद अचानक उसकी आवाज दोबारा सुनाई दी। उसने कहा, 'मैं और मां बच गई हैं, लेकिन लगा था कि शायद वे जिंदा नहीं बच पाएंगे।'
अंधेरे में डूबी वेनेजुएला की राजधानी
भूकंप के तुरंत बाद पूरी राजधानी कराकस और मिरांडा जैसे बड़े राज्यों की बिजली गुल हो गई और पूरा इलाका घाप अंधेरे में डूब गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को भी पूरी तरह ब्रेक लगा दिया गया है। भूकंप के झटके इतने जोरदार थे कि जमीन के नीचे बिछी पानी की मुख्य पाइपलाइनें फट गईं। जिसकी वजह से कराकस के पश्चिमी हिस्से की सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया और गाड़ियां डूबने लगीं। इसके अलावा, मलबे के कारण गैस रिसाव या किसी बड़े धमाके से बचने के लिए गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने प्रभावित इलाकों में गैस सप्लाई को भी अस्थायी रूप से रुकवा दिया है।
18 लोगों का जिंदा बचाया गया, भारत-अमेरिका ने बढ़ाया हाथ
इस मुश्किल घड़ी में जहां विपक्ष का दावा है कि सरकार अकेले इस भयानक स्थिति से नहीं निपट सकती और देश को अंतरराष्ट्रीय मदद की सख्त जरूरत है, वहीं दुनिया के बड़े देश वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए कहा है कि 'भारत इस संकट में वेनेजुएला के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव सहायता भेजने के लिए तैयार है।' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि 'अमेरिका मदद के लिए पूरी तरह सक्षम है और उन्होंने अपनी सभी सरकारी एजेंसियों को तुरंत राहत सामग्री भेजने के निर्देश दे दिए हैं।' इधर 500 से ज्यादा बचावकर्मियों की टीमें टॉर्च की रोशनी में मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश कर रही हैं। चाकाओ इलाके से अब तक 18 लोगों को मलबे के नीचे से जिंदा सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।


