Vijay Tamil Nadu government: तमिलनाडु में विजय की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। TVK को कांग्रेस, VCK, CPI, CPM और IUML का समर्थन मिल गया है। 121 विधायकों के समर्थन के साथ विजय ने राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

Vijay Meets Governor Tamil Nadu: तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय से चल रहा सस्पेंस अब लगभग खत्म होता दिखाई दे रहा है। अभिनेता से नेता बने टीवीके प्रमुख विजय ने शनिवार को लोकभवन पहुंचकर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। इस मुलाकात के साथ ही राज्य की राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों पर भी मुहर लग गई है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन के बाद अब टीवीके के पास 121 विधायकों का समर्थन पहुंच चुका है। बहुमत का आंकड़ा पार करने के बाद विजय की सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे तमिलनाडु की सत्ता में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें: तमिलनाडु में विजय सरकार का रास्ता साफ, VCK और IUML के समर्थन से सत्ता के करीब पहुंचे ‘थलापति’

राज्यपाल को सौंपे गए समर्थन पत्र

सूत्रों के मुताबिक, विजय ने अन्य सहयोगी दलों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपे और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा किया। इस दौरान टीवीके के वरिष्ठ नेता भी उनके साथ मौजूद रहे। खास बात यह रही कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने अपना केरल दौरा रद्द कर दिया, जिसके बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। पहले यह चर्चा थी कि राज्यपाल शाम 7:10 बजे की फ्लाइट से केरल रवाना होने वाले हैं। ऐसे में टीवीके नेताओं को आशंका थी कि अगर मुलाकात नहीं हो पाई, तो सरकार गठन की प्रक्रिया टल सकती है। हालांकि अंतिम समय में राज्यपाल ने अपना कार्यक्रम बदल दिया और विजय को मुलाकात का समय मिल गया।

Scroll to load tweet…

VCK और IUML के समर्थन से बदला पूरा गणित

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत से कुछ सीटें पीछे रह गई थी। इसके बाद विजय लगातार सहयोगी दलों से बातचीत कर रहे थे। शनिवार को VCK और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी औपचारिक रूप से टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इन दोनों दलों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 121 तक पहुंच गया, जो सरकार बनाने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समर्थन तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता परिवर्तन का निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

तीन बार राज्यपाल से मिल चुके हैं विजय

सूत्रों के अनुसार, विजय पिछले कुछ दिनों में तीन बार राज्यपाल से मुलाकात कर चुके हैं। हर बार उन्होंने सरकार बनाने की इच्छा जताई, लेकिन पर्याप्त संख्याबल और औपचारिक समर्थन पत्र न होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। इस बार तस्वीर पूरी तरह बदल गई। सहयोगी दलों के लिखित समर्थन के साथ विजय ने अपना दावा मजबूत कर दिया। यही वजह रही कि राजभवन में राजनीतिक गतिविधियां पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रहीं।

फिल्मों जैसा बन गया तमिलनाडु का सियासी घटनाक्रम

विजय की राजनीति में एंट्री के बाद से ही तमिलनाडु की सियासत में लगातार फिल्मी अंदाज देखने को मिला है। कभी समर्थन को लेकर सस्पेंस, कभी राज्यपाल से मुलाकात, तो कभी आखिरी वक्त पर बदले राजनीतिक समीकरण, पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को बेहद दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विजय ने अपनी लोकप्रियता को राजनीतिक ताकत में बदलने में सफलता हासिल की है। अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले फैसले और संभावित शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई है।

Scroll to load tweet…

केरल और तमिलनाडु दोनों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं राज्यपाल

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर इस समय तमिलनाडु के साथ-साथ केरल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। यही वजह थी कि उनके केरल दौरे को लेकर चर्चाएं तेज थीं। हालांकि सरकार गठन की अहम प्रक्रिया को देखते हुए उन्होंने अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया। फिलहाल तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है और विजय के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही हैं।

यह भी पढ़ें: आतंकियों के निशाने पर दिल्ली BJP मुख्यालय? सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला मोर्चा