भारत में VIP सुरक्षा खतरे के आधार पर X, Y, Z, Z+ और SPG श्रेणियों में दी जाती है। सर्वोच्च SPG सुरक्षा प्रधानमंत्री के लिए है। अन्य श्रेणियों में खतरे के अनुसार 2 (X) से लेकर 36 (Z+) तक सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं।

नई दिल्ली: भारत में जब भी किसी बड़े नेता या हस्ती की सुरक्षा की बात होती है, तो X, Y, Z, Z+ या SPG कैटेगरी का जिक्र होता है। ये सुरक्षा घेरे किसी व्यक्ति को मिलने वाले खतरे के आधार पर तय किए जाते हैं। तो चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि इन अलग-अलग सिक्योरिटी कवर का मतलब क्या है और ये किसे मिलती हैं।

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भारत में वीआईपी लोगों को पुलिस सुरक्षा देते समय, उनकी जान को कितना खतरा है, इसके आधार पर पांच कैटेगरी में सुरक्षा दी जाती है। यह सुरक्षा केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से दी जाती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) जैसी एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर तय होता है कि किसे कौन-सी सुरक्षा मिलेगी। समय-समय पर इसकी समीक्षा भी होती है, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ाई या घटाई जा सकती है।

इस सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस के साथ-साथ NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड), ITBP (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और CRPF (सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स) जैसे केंद्रीय बलों पर होती है। सबसे खास लोगों (VVIP) की सुरक्षा में NSG कमांडो को भी तैनात किया जाता है।

देश में VIP सुरक्षा की अलग-अलग कैटेगरी

SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप)

यह देश का सबसे टॉप लेवल का और सबसे कड़ा सुरक्षा घेरा है। यह सुरक्षा सिर्फ देश के प्रधानमंत्री और उनके साथ उनके आधिकारिक आवास पर रहने वाले परिवार के सदस्यों को मिलती है। इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार को भी एक तय समय के लिए SPG कवर दिया जाता है। 1988 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद SPG का गठन किया गया था। इसका सालाना बजट 300 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होता है और इसमें चार-लेयर की सुरक्षा होती है।

Z+ सिक्योरिटी

SPG के बाद यह देश की दूसरी सबसे बड़ी सुरक्षा कैटेगरी है। इसमें तीन लेयर का सुरक्षा घेरा होता है और कुल 36 सुरक्षाकर्मी होते हैं। सबसे अंदरूनी घेरे में 10 से ज्यादा NSG के 'ब्लैक कैट' कमांडो होते हैं। दूसरे और तीसरे घेरे की सुरक्षा की जिम्मेदारी ITBP और CRPF के जवानों की होती है। यह सुरक्षा आमतौर पर केंद्रीय मंत्रियों या उन बड़ी हस्तियों को दी जाती है, जिन्हें आतंकी हमले का बहुत ज्यादा खतरा होता है।

Z सिक्योरिटी

यह देश की तीसरी सबसे बड़ी वीआईपी सुरक्षा है। Z कैटेगरी की सुरक्षा में कुल 22 जवान तैनात होते हैं। इसमें ITBP और CRPF के जवान और अधिकारी सुरक्षा में रहते हैं। इस सुरक्षा में एक एस्कॉर्ट (Escort) और एक पायलट गाड़ी भी दी जाती है।

Y और Y+ सिक्योरिटी

यह देश की चौथी सबसे बड़ी सुरक्षा कैटेगरी है। भारत में सबसे ज्यादा VIP लोगों को 'Y' कैटेगरी की सुरक्षा ही दी जाती है। इसमें कुल 11 जवान होते हैं, जिनमें एक या दो कमांडो, दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) और बाकी अर्धसैनिक बल के जवान होते हैं। वहीं, Y+ सिक्योरिटी में एक एस्कॉर्ट गाड़ी के साथ-साथ वीआईपी के घर पर एक गार्ड कमांडर और चार गार्ड तैनात किए जाते हैं।

X सिक्योरिटी

यह वीआईपी सुरक्षा का सबसे शुरुआती स्तर है। X कैटेगरी की सुरक्षा में सिर्फ दो जवान होते हैं। इनमें से एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) होता है। इन लोगों के अलावा, सुप्रीम कोर्ट के जज, हाई-प्रोफाइल हस्तियां, बड़े बिजनेसमैन और नामी खिलाड़ियों को भी खतरे के आकलन के आधार पर वीआईपी सुरक्षा दी जाती है।