WEF दावोस 2026 में मध्यप्रदेश ने एआई आधारित प्रोटीन नवाचार कंपनी शिरू के साथ सहयोग पर चर्चा की। कृषि, खाद्य और जीवन विज्ञान क्षेत्रों में अनुसंधान, पायलट परियोजनाओं और निवेश के अवसरों पर सहमति बनी।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 के दौरान दावोस में मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह ने एआई आधारित प्रोटीन नवाचार की अग्रणी कंपनी शिरू (Shiru) की सीईओ एवं संस्थापक डॉ. जैस्मिन ह्यूम से भेंट कर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक में उन्नत प्रोटीन नवाचार, कृषि-आधारित इनपुट्स और अनुप्रयुक्त अनुसंधान से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

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शिरू का एआई-संचालित प्रोटीन खोज और डिज़ाइन प्लेटफॉर्म

बैठक के दौरान शिरू कंपनी ने अपने एआई-संचालित प्रोटीन खोज और डिज़ाइन प्लेटफॉर्म की जानकारी दी। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उद्योगों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले और सीधे उपयोग योग्य प्रोटीन अवयव विकसित किए जाते हैं।

कंपनी ने बताया कि उसके पोर्टफोलियो में लगभग 77 प्रतिशत प्राकृतिक प्रोटीन शामिल हैं। साथ ही शिरू के पास तकनीक लाइसेंसिंग और वैश्विक स्तर पर विस्तार योग्य, पूंजी-कुशल उत्पादन मॉडल की मजबूत क्षमता मौजूद है।

खाद्य, स्वास्थ्य और सौंदर्य प्रसाधन क्षेत्रों में नवाचार का उपयोग

शिरू की सीईओ डॉ. जैस्मिन ह्यूम ने बताया कि कंपनी के प्रोटीन नवाचारों का मुख्य उपयोग खाद्य क्षेत्र में किया जा रहा है। इसके अलावा सौंदर्य प्रसाधन और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी इनके संभावित उपयोग पर प्रकाश डाला गया।

बैठक में कंपनी के वैश्विक व्यावसायिक नेटवर्क और साझेदारी-आधारित मॉडल पर भी चर्चा हुई, जिसमें यूरोपीय संघ, कनाडा, लैटिन अमेरिका, एशिया (थाईलैंड सहित) और भारत जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं।

कृषि क्षेत्र में शिरू की विशेष रुचि

चर्चा के दौरान शिरू की सीईओ ने मध्यप्रदेश की सुदृढ़ कृषि व्यवस्था में गहरी रुचि व्यक्त की। बैठक में विश्वविद्यालयों और कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग, फसल-आधारित प्रोटीन इनपुट्स की पहचान, तथा राज्य को अनुप्रयुक्त अनुसंधान, पायलट परियोजनाओं और भविष्य के उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर सहमति बनी।

आगे की कार्ययोजना और सहयोग का रोडमैप

आगे की कार्ययोजना के तहत दोनों पक्षों ने राज्य के उपयुक्त विश्वविद्यालयों और कृषि अनुसंधान संस्थानों की पहचान, फसल उपलब्धता और उपयुक्तता का आकलन, पायलट प्रोजेक्ट और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग अवसरों की समीक्षा, तथा वाणिज्यिक और अनुसंधान साझेदारी को लेकर आगामी बैठकों पर सहमति व्यक्त की।

यह पहल नवाचार-आधारित निवेश को आकर्षित करने और कृषि-खाद्य व जीवन विज्ञान क्षेत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार के सतत प्रयासों को दर्शाती है।