वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में मध्यप्रदेश और TES-H2 के बीच सिंथेटिक मीथेन व लो-कार्बन ईंधनों पर चर्चा हुई। HVJ पाइपलाइन, बायोजेनिक CO₂ और स्वच्छ ईंधन परियोजनाओं में सहयोग के नए अवसर तलाशे गए।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026, दावोस में मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव (नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा) श्री मनु श्रीवास्तव ने TES-H2 के ओरिजिनेशन एवं बिज़नेस डेवलपमेंट प्रमुख श्री फिलिपो कोमेल्ली के साथ सिंथेटिक मीथेन और लो-कार्बन ईंधनों के क्षेत्र में संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
TES-H2: विश्व का अग्रणी सिंथेटिक मीथेन उत्पादक
TES-H2 विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक मीथेन उत्पादकों में से एक है, जिसके वाणिज्यिक संचालन कई देशों में हो रहे हैं। बैठक के दौरान कंपनी ने अपने वैश्विक दृष्टिकोण और भारत में संचालित परियोजनाओं की जानकारी साझा की।
समुद्री क्षेत्र और स्वच्छ ईंधनों पर बढ़ता वैश्विक फोकस
चर्चा में समुद्री परिवहन क्षेत्र में सिंथेटिक मीथेन की बढ़ती भूमिका, भारत के भविष्य में एक प्रमुख एलएनजी आयातक के रूप में उभरने और गैस आधारित बिजली उत्पादन के विकल्प के रूप में बायोगैस एवं स्वच्छ ईंधनों पर बढ़ते राष्ट्रीय फोकस को रेखांकित किया गया।
HVJ गैस पाइपलाइन और बायोजेनिक CO₂ से मिल रही मजबूती
अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य से होकर गुजरने वाली हजीरा–विजयपुर–जगदीशपुर (HVJ) गैस पाइपलाइन और गन्ना जैसे कृषि-आधारित उद्योगों से प्राप्त बायोजेनिक CO₂ के स्रोत, कम कार्बन तीव्रता वाले ईंधनों के विकास के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
पायलट परियोजनाओं और सहयोग के नए अवसर
दोनों पक्षों ने भारत के स्वच्छ ईंधन संक्रमण और मध्यप्रदेश के लो-कार्बन विकास लक्ष्यों के अनुरूप संभावित पायलट परियोजनाओं और सहयोग के नए रास्तों की पहचान के लिए आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी की दिशा में मध्यप्रदेश
यह चर्चा अगली पीढ़ी के ईंधनों और सतत औद्योगिक समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा कंपनियों के साथ साझेदारी करने के मध्यप्रदेश सरकार के संकल्प को दर्शाती है।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र सिंह और आयुक्त, जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना भी उपस्थित रहे।


