दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियाँ, हरित ऊर्जा विज़न, AI, उद्योग, पर्यटन और रोजगार सृजन की वैश्विक संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व का विषय रहा। यह यात्रा केवल व्यक्तिगत नहीं थी, बल्कि मध्यप्रदेश के साढ़े आठ करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं की यात्रा थी।
दावोस के वैश्विक मंच से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला राज्य है, जहाँ नीतिगत स्थिरता, प्रशासनिक पारदर्शिता और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। उद्योग, ऊर्जा, तकनीक, पर्यटन, कृषि, शिक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम- 2026 में मध्यप्रदेश की रणनीतिक भागीदारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्यप्रदेश की भागीदारी सक्रिय, सशक्त और रणनीतिक रही। दावोस की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार है। नवकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन पर राज्य की स्पष्ट सोच ने वैश्विक निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है।
वैश्विक निवेश संवाद और बहु-क्षेत्रीय सहयोग
दावोस में मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक निवेशकों, उद्योग समूहों और तकनीकी नेतृत्व के साथ व्यापक संवाद किया। इन बैठकों से आने वाले समय में निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार सृजन के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार, किसानों को समृद्धि, महिलाओं का सशक्तिकरण और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है।
नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण में निवेश अवसर
नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को लेकर अमारा राजा समूह, ग्रीन एनर्जी-3000, IREDA और पीस इन्वेस्ट के साथ महत्वपूर्ण चर्चाएँ हुईं। मुरैना में संचालित बैटरी स्टोरेज परियोजना और 24×7 नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया। पंप स्टोरेज परियोजनाओं, हाइब्रिड ऊर्जा मॉडल (सौर-जल, सौर-तापीय) और को-इन्वेस्टमेंट आधारित परियोजनाओं में निवेश को लेकर सकारात्मक रुचि सामने आई।
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय और औद्योगिक सहयोग
जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC) के साथ येन ऋण, विनिर्माण, सौर और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ चंबल अंचल में बायो-एनर्जी परियोजनाओं पर गहन संवाद हुआ।
भारत-इज़राइल नवाचार साझेदारी
इज़राइल इनोवेशन अथॉरिटी के साथ क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडटेक, रक्षा तकनीक और जल समाधान पर नवाचार सहयोग को लेकर सहमति बनी। भारत-इज़राइल सहयोग के तहत पायलट प्रोजेक्ट्स, टेक्नोलॉजी डेमॉन्स्ट्रेशन और सह-निवेश मॉडल पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया।
AI, डीप-टेक और डिजिटल इनोवेशन
टच लैब के साथ साइबर सुरक्षा, गेमिंग और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ तलाशी गईं। नाट्रैक्स को एडवांस्ड मोबिलिटी, AI-आधारित टेस्टिंग और नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजी के लिए एक रणनीतिक परिसंपत्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया। एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के साथ टियर-2 शहरों में IT, BPO और GCC/ODC विस्तार पर सकारात्मक बातचीत हुई।
कृषि, फूड प्रोसेसिंग और रिसर्च सहयोग
शिरू कंपनी के साथ AI आधारित प्रोटीन नवाचार, कृषि-आधारित इनपुट्स और अनुप्रयुक्त अनुसंधान पर सहयोग की दिशा तय हुई। विश्वविद्यालयों, कृषि अनुसंधान संस्थानों और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट्स और सह-विकास पर ज़ोर दिया गया।
पर्यटन ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान
जियोस्टार और ब्लूमबर्ग मीडिया के साथ पर्यटन ब्रांडिंग और वैश्विक नीति-व्यापार मंचों पर मध्यप्रदेश की उपस्थिति को सशक्त करने पर चर्चा हुई। ‘री-इमैजिनिंग टूरिज्म एट स्केल’ सत्र में विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को निवेश से जोड़ने का विज़न प्रस्तुत किया गया।
TMC प्लेटफॉर्म: ऊर्जा परिवर्तन की नई पहल
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दूसरे दिन ‘द मेरिडियन कलेक्टिव (TMC)’ प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य उप-राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संक्रमण और औद्योगिक डी-कार्बोनाइज़ेशन को गति देना है।
TMC के माध्यम से निजी पूंजी, तकनीकी विशेषज्ञता और वैश्विक नेटवर्क को राज्यों से जोड़ा जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश को 2030 तक 40–50% नवीकरणीय ऊर्जा और 2050 से पहले नेट-ज़ीरो लक्ष्य हासिल करने में सहयोग मिलेगा।
निवेश, उद्योग और फार्मा सेक्टर में अवसर
‘इन्वेस्ट इन इंडिया: मध्यप्रदेश’ राउंडटेबल में वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद हुआ। ऑटोमोबाइल, फार्मा, टेक्सटाइल, IT-ITES, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश अवसर प्रस्तुत किए गए। सैंडोज़ प्रतिनिधिमंडल के साथ फार्मा विनिर्माण, जेनेरिक दवाओं, API और एंटी-इन्फेक्टिव्स निर्माण में निवेश पर सहमति बनी।
अंतर्राष्ट्रीय द्विपक्षीय और सांस्कृतिक सहयोग
मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री के साथ पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर सहमति बनी। स्विट्ज़रलैंड के प्रतिनिधियों के साथ स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, जनजातीय कल्याण और कौशल विकास पर सहयोग पर चर्चा हुई।
खेल, युवा और योग संवाद
मैनचेस्टर यूनाइटेड के निदेशक के साथ खेल विकास और खेल पर्यटन पर संवाद हुआ। उज्जैन में अंतर्राष्ट्रीय योग सम्मेलन और स्थायी योग केंद्र की संभावनाओं पर वैश्विक संगठनों से चर्चा की गई।
निष्कर्ष: वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की सशक्त पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दावोस यात्रा ने मध्यप्रदेश को निवेश-अनुकूल नीतियों, स्थिर प्रशासन और भविष्य-तैयार विज़न वाले राज्य के रूप में वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया है। यह यात्रा राज्य के हरित, डिजिटल और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुई है।


