दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लौटने पर जबलपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा, औद्योगिक नीतियों और सब्सिडी के कारण निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में सफल सहभागिता के बाद जबलपुर आगमन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का औद्योगिक एवं व्यापारी संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश संभावनाओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उपलब्धियों से बनती है प्रदेश की पहचान: मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसी भी प्रदेश की पहचान केवल उसके भौगोलिक नक्शे से नहीं, बल्कि उसकी उपलब्धियों से होती है। आज मध्यप्रदेश अपनी प्रभावी नीतियों और उनके सफल क्रियान्वयन के कारण देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक नई पहचान बना रहा है। प्रदेश औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का बदला वैश्विक परिदृश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले की स्थिति अब पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आज दुनिया का हर देश व्यापार और निवेश के लिए भारत से जुड़ने को उत्सुक है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में 200 से अधिक देशों ने भाग लिया। इस वैश्विक मंच पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भारत सरकार के साथ-साथ देश के 10 राज्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मध्यप्रदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।
नवकरणीय ऊर्जा में मध्यप्रदेश ने खींचा वैश्विक निवेशकों का ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। प्रदेश में पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पावर सेक्टर के माध्यम से सस्ती बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में मात्र 2 रुपये 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जो उद्योगों के लिए बड़ी राहत है।
उद्योग स्थापना पर 30% कैपिटल सब्सिडी का लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रोत्साहन दे रही है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने पर 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जा रही है। वहीं, एमएसएमई सेक्टर को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है।
संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए नई औद्योगिक नीतियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक और मानव संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए सरकार द्वारा लगातार नई और व्यावहारिक नीतियां बनाई जा रही हैं। इन नीतियों का उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन करना और प्रदेश की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करना है।
मेडिकल एजुकेशन में मध्यप्रदेश बना अग्रणी राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि देश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेजों की स्थापना मध्यप्रदेश में हो रही है। मेडिकल कॉलेज खोलने के इच्छुक उद्यमियों को 25 एकड़ भूमि मात्र एक रुपये की दर से उपलब्ध कराई जा रही है।
निजी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को ऋण सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में नीट के माध्यम से चयनित छात्रों को फीस भुगतान के लिए राज्य सरकार द्वारा ऋण सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इससे मेडिकल शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाया जा सकेगा।


