India All Party Meeting West Asia: पश्चिम एशिया संकट पर केंद्र सरकार की सर्वदलीय बैठक में बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार ने साफ कहा कि LPG और पेट्रोलियम की कोई कमी नहीं है। जानिए पीएम मोदी, ट्रंप बातचीत और होर्मुज से जुड़े ताजा हालात।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर देशभर में चिंता बनी हुई है। ऐसे माहौल में केंद्र सरकार ने बुधवार को एक अहम सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें साफ संदेश दिया गया, स्थिति पर नजर है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। नई दिल्ली में हुई इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने की। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।

बैठक की शुरुआत: भारत के हित सबसे पहले

बैठक की शुरुआत रक्षा मंत्री Rajnath Singh के बयान से हुई। इसके बाद विदेश सचिव Vikram Misri ने विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। सरकार की ओर से साफ कहा गया कि मौजूदा हालात में भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखेगा। साथ ही यह भी बताया गया कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की देश में फिलहाल कोई कमी नहीं है।

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होर्मुज से राहत: 4 भारतीय जहाज निकल चुके

सबसे बड़ी चिंता Strait of Hormuz को लेकर थी। सरकार ने बताया कि अब तक 4 भारतीय जहाज इस रास्ते से सुरक्षित निकल चुके हैं और कुछ अन्य भी जल्द निकलने वाले हैं। यह इसलिए अहम है क्योंकि कई देशों के जहाज अभी भी इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

PM मोदी और ट्रंप की बातचीत का जिक्र

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump से बात की है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता और शांति का पक्षधर है।

सरकार का साफ संदेश: पैनिक की जरूरत नहीं

सरकार ने सभी दलों को आश्वस्त किया कि देश में ऊर्जा की पर्याप्त व्यवस्था है। LPG और पेट्रोलियम के लिए पहले से ही अग्रिम बुकिंग कर ली गई है और कई देशों से बातचीत जारी है।

सरकार ने कहा कि:

  • कच्चा तेल लगातार आ रहा है
  • सप्लाई चेन पर नजर रखी जा रही है
  • आम जनता को किसी तरह की कमी नहीं होगी

LPG सप्लाई पर बड़ा अपडेट

बैठक में बताया गया कि अगले दो दिनों में वेस्ट कोस्ट पर दो बड़े LPG जहाज पहुंचने वाले हैं, जिनमें करीब 92 हजार टन गैस होगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि:

  • घरेलू गैस की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है
  • रोजाना लाखों बुकिंग के बावजूद सप्लाई बनी हुई है

विपक्ष के सवाल: ईरान, अमेरिका और कूटनीति पर चर्चा

बैठक में विपक्ष ने कई सवाल उठाए। Asaduddin Owaisi ने ईरान के सुप्रीम लीडर के मुद्दे और कूटनीतिक प्रतिक्रिया को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में विदेश सचिव ने बताया कि शोक संदेश में देरी की वजह ईरान की एंबेसी का देर से खुलना था। अमेरिका और इज़राइल के हमले पर भी सवाल उठे, जिस पर सरकार ने कहा कि यह मामला परमाणु गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।

कौन-कौन रहा बैठक में शामिल

इस अहम बैठक में गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। विपक्ष की ओर से भी कई दलों के प्रतिनिधि पहुंचे, हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इस बैठक से दूरी बनाई।

पहले क्यों बुलाई गई थी यह बैठक?

दरअसल, संसद में पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा के बाद विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक की मांग की थी। इसके जवाब में सरकार ने यह बैठक बुलाई। राज्यसभा में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पहले ही कहा था कि सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए 7 विशेष समूह बनाए हैं, जो ऊर्जा और जरूरी सेवाओं पर नजर रख रहे हैं।

संकट बड़ा है, लेकिन तैयारी भी पूरी

पश्चिम एशिया का संकट भले ही गंभीर हो, लेकिन सरकार का दावा है कि भारत इसके लिए तैयार है। ऊर्जा सप्लाई से लेकर कूटनीतिक रणनीति तक, हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। सबसे बड़ा संदेश यही है, आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि हालात नियंत्रण में हैं।

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