बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल की सियासत में भी उबाल आ गया है। राज्य के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनके इस कदम ने सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।

कोलकाता: बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे से शुरू हुई सियासी उठापटक के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी हलचल तेज हो गई है। राज्य के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनके इस कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस्तीफे की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है।

पश्चिम बंगाल में राज्यपाल और सरकार का टकराव

जब से केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आई है, पश्चिम बंगाल में सरकार और राजभवन के बीच टकराव की खबरें आम रही हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच की खींचतान तो जगजाहिर थी। लेकिन जब 2022 में सीवी आनंद बोस ने यह जिम्मेदारी संभाली, तो यह टकराव लगभग खत्म हो गया था। आनंद बोस और ममता सरकार के बीच रिश्ते काफी हद तक सामान्य थे, इसीलिए उनके अचानक इस्तीफे ने सबको हैरान कर दिया है।

सीवी आनंद बोस ने 2022 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का पद संभाला था। पिछले करीब तीन सालों में उन्होंने सरकार और राजभवन के बीच के तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई थी। अब उनके इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल को नया राज्यपाल मिलेगा। चुनाव के इतने करीब इस इस्तीफे ने सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।

आनंद बोस से पहले जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। उन्होंने उपराष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और बाद में वे देश के उपराष्ट्रपति बने। धनखड़ के राज्यपाल रहते हुए ममता सरकार से उनके रिश्ते हमेशा तनावपूर्ण रहे थे।