IPS Kanthi Rana and Tata Vishal Gunni: कौन हैं IPS कांति राणा टाटा और विशाल गुननी? जिनकी 2 साल बाद सस्पेंशन खत्म की गई और अब नई पोस्टिंग मिली है। जानिए कौन हैं दोनों अफसर और जेठवानी केस से जुड़ी पूरी कहानी।

Kadambari Jethwani Case: आंध्र प्रदेश पुलिस के दो वरिष्ठ IPS अधिकारियों कांति राणा टाटा और विशाल गुन्नी की करीब दो साल पुरानी सस्पेंशन खत्म हो गई है। दोनों को अब नई जिम्मेदारियां भी मिल गई हैं। हालांकि, यह मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सरकार ने साफ किया है कि उनके खिलाफ चल रही विभागीय और आपराधिक कार्यवाही पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। जानिए आखिर कौन हैं IPS कांति राणा टाटा और विशाल गुन्नी, दोनों IPS ऑफिसर दो साल तक सस्पेंड क्यों रहे और आखिर कादंबरी जेठवानी केस में क्या हुआ था?

कौन हैं IPS कांति राणा टाटा?

कांति राणा टाटा 2004 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह विजयवाड़ा के पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं। सितंबर 2024 में उन्हें मुंबई की मॉडल-एक्ट्रेस कादंबरी जेठवानी से जुड़े मामले में कथित प्रक्रियागत चूक और ड्यूटी में लापरवाही के आरोपों के बीच निलंबित किया गया था। अब सरकार ने उन्हें इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, डायरेक्टरेट ऑफ ट्रैफिक मैनेजमेंट एंड रोड सेफ्टी की जिम्मेदारी दी है।

कौन हैं IPS विशाल गुन्नी?

विशाल गुन्नी 2010 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह विजयवाड़ा में DCP के पद पर भी रह चुके हैं। जेठवानी मामले की जांच और गिरफ्तारी से जुड़े आरोपों के बाद उन्हें भी सितंबर 2024 में निलंबित किया गया था। अब उन्हें DIG, ट्रेनिंग बनाया गया है। इसके साथ उन्हें आंध्र प्रदेश पुलिस एकेडमी के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

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जेठवानी केस में क्या हुआ था?

कादंबरी जेठवानी से जुड़े मामले में पुलिस कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। सरकारी निलंबन आदेशों में आरोप लगाया गया था कि कार्रवाई के दौरान जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ। इसी मामले में तत्कालीन इंटेलिजेंस चीफ पी. सीताराम अंजनयेलु भी निलंबित किए गए थे। वह अगस्त 2026 में रिटायर हो चुके हैं।

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दो साल बाद वापसी, लेकिन मामला बाकी

3 सितंबर 2026 को आंध्र प्रदेश सरकार ने कांति राणा टाटा और विशाल गुन्नी की सस्पेंशन रद्द कर उन्हें सेवा में बहाल किया। इसके बाद 20 सितंबर को दोनों को नई पोस्टिंग दी गई। यानी दोनों अब सक्रिय सेवा में हैं, लेकिन कानूनी तौर पर जेठवानी मामले से पूरी तरह बाहर नहीं हुए हैं। सरकार के आदेश में साफ है कि उनकी बहाली लंबित विभागीय और आपराधिक कार्यवाही को प्रभावित नहीं करेगी।