Who is Dr Akanksha Vidyarthi: डॉ. आकांक्षा विद्यार्थी कौन हैं? PMO अधिकारी बनकर नबन्ना पहुंचने वाली महिला पर मंत्री को क्यों हुआ शक? जानें आखिर क्या है पूरा मामला।

Akangsha Vidyarthi: पश्चिम बंगाल के हाई सिक्योरिटी वाले सचिवालय नबन्ना में एक ऐसी महिला पहुंची, जिसने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की वरिष्ठ अधिकारी बताया। उसके पास अपॉइंटमेंट भी था, इसलिए शुरुआत में किसी को खास शक नहीं हुआ। लेकिन PWD मंत्री अजय पोद्दार से मुलाकात के दौरान उसकी बातों में कुछ ऐसा सामने आया, जिससे मंत्री को उसकी पहचान पर संदेह होने लगा। बाद में पुलिस जांच में मामला और गंभीर होता गया। जानिए डॉ. आकांक्षा विद्यार्थी कौन हैं? और क्या है पूरा मामला।

डॉ. आकांक्षा विद्यार्थी कौन हैं?

पुलिस के मुताबिक, महिला की पहचान डॉ. आकांक्षा विद्यार्थी के रूप में हुई है। कुछ रिपोर्टों में उनके नाम की स्पेलिंग Akanksha Vidyarthi भी दी गई है। बताया गया है कि वह 30 की उम्र के आसपास हैं और दिल्ली में रहती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, नबन्ना आने से पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल के PWD को ईमेल भी किया था। इसमें कथित तौर पर उन्होंने खुद को PMO से जुड़ा बताया और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से अपने संबंध होने का दावा किया था। पुलिस अब इन दावों और उनके दस्तावेजों की जांच कर रही है।

मंत्री से मुलाकात में क्यों हुआ शक?

नबन्ना पहुंचने के बाद आकांक्षा ने PWD मंत्री अजय पोद्दार से मुलाकात की। बातचीत के दौरान उन्होंने विभाग के कामकाज से जुड़े सवाल पूछे। लेकिन उनकी पहचान और भूमिका को लेकर मंत्री ने जब सवाल किए तो उनके जवाबों में कथित तौर पर असंगतियां सामने आईं। इसके बाद मामला संदिग्ध लगने लगा और महिला वहां से निकल गई।

ये भी पढ़ें- ED Action: ब्रिटिश नागरिक बने मदरसा टीचर, फिर भी लेते रहे सैलरी-पेंशन? अब चला ED का हंटर!

दिल्ली से पुलिस ने किया गिरफ्तार

मंत्री के स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी और PWD की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। तब तक आकांक्षा दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी थीं। इसके बाद हावड़ा सिटी पुलिस की एक टीम दिल्ली पहुंची और उन्हें केंद्रीय दिल्ली स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। मामले में सरकारी कर्मचारी बनकर धोखाधड़ी और फर्जी पहचान से जुड़े आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है।

ये भी पढ़ें- अमेरिका में 14 भालुओं को सजा-ए-मौत क्यों? बचाने वालों ने ही क्यों ले ली जान?

अब जांच में सबसे बड़ा सवाल क्या?

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला नबन्ना जैसे सुरक्षित परिसर में आखिर पहुंची कैसे। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि क्या उसके पास मौजूद दस्तावेज असली थे, क्या उसने कहीं और भी इसी तरह संपर्क किया था और क्या इस मामले में कोई दूसरा व्यक्ति शामिल है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और महिला पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होनी बाकी है।