Bihar MLC Election Result : उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद की 28 सीटों की मतगणना के बीच बिहार में सबसे बड़ा उलटफेर हुआ है। जहां चारों सिटिंग MLC चुनाव हार गए हैं। इतना ही नहीं पटना शिक्षक सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के पांच बार के MLC नवल किशोर यादव को हरा दिया है।

बिहार की राजनीति में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे ने सबको चौंका दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के डॉ. संजीव कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेता और पांच बार MLC रह चुके नवल किशोर यादव को हरा दिया है। डॉ. संजीव कुमार ने 1,057 वोटों से जीत दर्ज की। इस नतीजे के साथ ही पटना शिक्षक सीट पर नवल किशोर यादव का करीब तीन दशक पुराना चुनावी दबदबा खत्म हो गया।

कौन हैं डॉ. संजीव कुमार?

  • डॉ. संजीव कुमार का संबंध खगड़िया जिले की राजनीति से है। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहा है। वह बिहार के पूर्व मंत्री और पांच बार विधायक रह चुके डॉ. रामानंद प्रसाद सिंह (आरएन सिंह) के बेटे हैं।
  • डॉ. संजीव कुमार ने राजनीति में आने से पहले मेडिकल क्षेत्र में काम किया। उन्होंने मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल और सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर के रूप में काम किया और पटना में अपना डायग्नोस्टिक सेंटर भी चलाया।

2020 में पहली बार बने थे विधायक

  • डॉ. संजीव कुमार ने साल 2020 में खगड़िया जिले की परबत्ता विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी। अब पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल कर उन्होंने अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया है। डॉक्टर से राजनीति में आए संजीव कुमार की जीत को RJD के लिए अहम माना जा रहा है।

नवल किशोर यादव को कितने वोटों से हराया?

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम नतीजों के मुताबिक, RJD के डॉ. संजीव कुमार को कुल 4,487 वोट मिले, जबकि BJP के नवल किशोर यादव को 3,430 वोट हासिल हुए। इस तरह संजीव कुमार ने 1,057 वोटों से जीत दर्ज की। जनसुराज पार्टी की उम्मीदवार डॉ. दिव्या ज्योति तीसरे स्थान पर रहीं।

30 साल पुराने दबदबे का अंत

नवल किशोर यादव इस सीट से लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके थे। लंबे समय से शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। लेकिन इस बार मतदाताओं ने डॉ. संजीव कुमार के पक्ष में फैसला सुनाया। उनकी जीत ने पटना शिक्षक सीट के राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं और BJP के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है।