राजस्थान सरकार ने IAS शिखर अग्रवाल के खिलाफ ACB जांच की मंजूरी दी है। अनंता ब्रांड रिसॉर्ट्स को अनुचित लाभ पहुंचाकर उदयपुर और अलवर में 36 विला खरीदने का आरोप है। जानिए पूरा मामला और 27 मार्च का कनेक्शन।

Rajasthan IAS-IPS Case: राजस्थान में प्रशासनिक महकमे से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की रडार पर आ गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने पद का बेजा फायदा उठाकर एक हॉस्पिटैलिटी कंपनी को वित्तीय फायदे पहुंचाए और बदले में कौड़ियों के भाव करोड़ों के विला अपने और रिश्तेदारों के नाम करवा लिए।

IAS IPS Couple Corruption Case: क्या है पूरा मामला?

राजस्थान सरकार ने ACB को IAS शिखर अग्रवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत जांच की हरी झंडी दे दी है। आरोप है कि उद्योग विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए अग्रवाल ने 'गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड' (जो 'अनंता' ब्रांड नाम से होटल और रिसॉर्ट्स चलाती है) को अवैध छूट दी और नियमों को ताक पर रखकर क्लीयरेंस बांटे।

  • कंपनी को वित्तीय रियायतें और निर्माण संबंधी छूट दिए जाने की जांच हो रही है।
  • जरूरी प्रमाणपत्रों की पर्याप्त जांच के बिना मंजूरी देने के आरोपों को भी देखा जा रहा है।
  • ACB यह पता लगा रही है कि सरकारी फैसलों और बाद में खरीदी गई संपत्तियों के बीच कोई संबंध था या नहीं।

36 विला और 5.52 करोड़ की प्रॉपर्टी

जांच में राजस्थान के उदयपुर के बुझदा और अलवर के अजगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट्स की संपत्तियां सामने आई हैं।

  • बुझदा, उदयपुर: मार्च 2026 में कथित तौर पर 20 विला खरीदे गए। इनमें 10 शिखर अग्रवाल और 10 उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर के नाम बताए गए हैं। प्रत्येक की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है।
  • अजगढ़, अलवर: यहां कुल 16 विला जांच के दायरे में हैं। इनमें अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम 8, उनके दो बेटों के नाम 4 और सास-ससुर के नाम 4 विला बताए गए हैं।
  • इन संपत्तियों की कीमत करीब 15 लाख से 16.5 लाख रुपये प्रति विला बताई गई है।
  • इस तरह दोनों रिसॉर्ट्स में कुल 36 विला की पहचान हुई है, जिनकी बताई गई कीमत करीब 5.52 करोड़ रुपये बैठती है।

27 मार्च की तारीख क्यों अहम?

ACB के अनुसार, 27 मार्च 2026 को गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड के लिए एक विशेष रियायती वित्तीय पैकेज जारी किया गया था। जांचकर्ताओं को ऐसी जानकारी भी मिली है कि इसी तारीख के आसपास 20 विला अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज किए गए। अब ACB इन दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है। जांच का फोकस अग्रवाल के उदयपुर कलेक्टर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष और उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे पदों पर रहते हुए लिए गए फैसलों पर भी है।