Who is Sonam Wangchuks wife Gitanjali J Angmo: पिछले 19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हेल्थ को लेकर कोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं। इस बीच जानिए उनकी पत्नी गीतांजलि जे आंगमो कौन हैं और क्या करती हैं।

Sonam Wangchuk Wife: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक इन दिनों अपने आंदोलन को लेकर चर्चा में हैं। उनके अनशन के बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो भी सुर्खियों में आ गई हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने पति के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चिंता का परिणाम है। ऐसे में लोगों की दिलचस्पी यह जानने में बढ़ गई है कि 19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो कौन हैं और वह क्या करती हैं?

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो कौन हैं?

गीतांजलि जे अंगमो का जन्म ओडिशा के बालासोर में एक पंजाबी परिवार में हुआ। उन्होंने फकीर मोहन यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने भुवनेश्वर स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने करीब छह वर्षों तक कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया और फिर सामाजिक क्षेत्र में कदम बढ़ाने का फैसला किया।

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गीतांजलि जे अंगमो अब क्या करती हैं?

कॉरपोरेट करियर छोड़ने के बाद गीतांजलि ने हेलियोस बुक्स, AUM हॉस्पिटल्स और AUM ट्रस्ट जैसी संस्थाओं की स्थापना की। साल 2017 में उन्होंने अपने पति सोनम वांगचुक के साथ मिलकर हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की सह-स्थापना की। इस संस्थान का उद्देश्य पारंपरिक रटने वाली शिक्षा के बजाय पहाड़ी क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजने वाली शिक्षा को बढ़ावा देना है।

कराटे में ब्लैक बेल्ट और विश्व चैंपियन भी रह चुकी हैं गीतांजलि जे अंगमो

गीतांजलि सिर्फ शिक्षा और सामाजिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं। वह कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं और वर्ष 2009 में अमेरिका में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में भी खिताब जीत चुकी हैं। उनकी यह उपलब्धि उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाती है।

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आध्यात्मिक सोच और समाज के प्रति समर्पण

गीतांजलि स्वयं को एक आस्थावान हिंदू मानती हैं। उनके परिचय के अनुसार, वह श्री अरविंद के दर्शन, वेदों और उपनिषदों का लंबे समय से अध्ययन करती रही हैं। आध्यात्मिक सोच और सामाजिक सेवा उनके जीवन का अहम हिस्सा मानी जाती है।

कैसे हुई थी सोनम वांगचुक से गीतांजलि जे अंगमो की मुलाकात

एक इंटरव्यू में गीतांजलि जे अंगमो ने बताया था कि उनकी मुलाकात सोनम वांगचुक से एक शिक्षा सम्मेलन के दौरान हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों को महसूस हुआ कि शिक्षा और समाज को लेकर उनकी सोच काफी हद तक एक जैसी है। यही समान विचार आगे चलकर मजबूत रिश्ते में बदल गए। आज दोनों शिक्षा में बदलाव, सामाजिक विकास और पहाड़ी समुदायों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने के साझा उद्देश्य के साथ काम कर रहे हैं। शिक्षा सुधार, सामाजिक उद्यमिता और जनहित के प्रति उनकी साझी प्रतिबद्धता ही इस दंपती की सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है।