झारखंड में बवाल मचा हुआ है। हजारों की संख्या में छात्र JPSC/JSSC परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ सोमवार को विधानसभा घेराव करने पहुंचे हैं। सबकी नजरें राज्य के सीएम हेमंत सोरेन पर टिकी हैं कि वह अपने जन्मदिन पर छात्रों का तोहफा देते हैं या नहीं।
इस समय झारखंड की शिक्षा व्यवस्था चरर्मरा चुकी है। रांची में हजारों की संख्या में छात्र झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आज सोमवार को झारखंड विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं। झारखंड में इतना बड़ा बवाल हो रहा है, लेकिन राज्य के शिक्षा मंत्री का कहीं कोई पता नहीं है। उनका कोई बयान सामने नहीं आया है। तो आइए जानते हैं कौन हैं झारखंड के एजुकेशन मिनिस्टर…
सीएम हेमंत सोरेन के करीबी नेता हैं सुदिव्या कुमार
- बता दें कि झारखंड में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का प्रभार वर्तमान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास है। क्योंकि पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद यह जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने अपने पास रखी है। लेकिन उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्या कुमार हैं। तो आधिकारिक तौर पर झारखंड के शिक्षा मंत्री सुदिव्या कुमार हैं।
- सुदिव्य कुमार को हेमंत सोरोन नहीं, उनके पिता और झारखंड के पूर्व सीएम सुप्रीमो दिशोम गुरू शिबू सोरेन के करीबी माना जाता था ।
दूसरी बार विधायक बने और सीधा कैबिनेट मंत्री पद
- सुदिव्य कुमार सोनू ने साल 1989 में झारखंड मुक्ति मोर्चा से अपने राजनीति करियर की शुरूआत की थी। साल 2003 में उन्हें पार्टी का जिला अध्यक्ष बनाया गया और साल 2009 में उन्हें पहली बार गिरिडीह विधानसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया। लेकिन वह करीब 10 साल यानि 2019 के चुनाव तक लगातार चुनाव हारते रहे, फिर भी वह पार्टी की पसंद बने रहे।
- बता दें कि सुदिव्य कुमार वर्तमान में एजुकेशन के साथ साथ नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री भी हैं। इसके अलावा उनको पास पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है। वह सीएम हेमंत सोरेन के सबसे करीबी नेताओं में से एक हैं।
- सुदिव्य कुमार बैनरतले गिरिडीह विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। वह पहली बार साल 2019 में चुनाव जीते थे। वहीं दूसरी बार साल 2024 में उन्हें जीत मिली और वह कैबिनेट मंत्री बने।


