Tarun Tejpal Case : देश के चर्चित पत्रकार और तहलका समूह के प्रधान संपादक और फाउंडर मेंबर तरुण तेजपाल को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 13 साल पुराने यौन उत्पीड़न मामले में उन्हें दोषी करार दिया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल के लिए बड़ा झटका देने वाला फैसला सुनाया है। उन्हें 13 साल पुराने यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया गया है। बता दें कि कोर्ट ने साल 2021 की गोवा ट्रायल अदालत के बरी करने के डिसीजन को रद्द करते हुए तेजपाल को रेप केस का दोषी माना है। सजा कितनी होनी है, यह भी तय हो गया है, जल्द ही इसका भी ऐलान होगा।

सरकार को हिलाने वाले खुलासे कर चुके हैं तेजपाल

तरुण तेजपाल देश की चर्चित मैगजीन तहलका समूह के प्रधान संपादक और फाउंडर मेंबर हैं। तेजपाल की गिनती भारत के टॉप के एडिटर और पत्रकारों में होती है। उन्होंने 26 साल पहले 2000 में एक खोजी पत्रकारिता की मैगजीन तहलका की शुरुआत की थी। जो कि अपने अंडरकवर स्टिंग ऑपरेशंस के लिए जानी जाती थी। उन्होंने और उनकी इस मैंग्जीन ने कई बड़े मामले और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर चुकी है। उन्होंने कई बार ऐसे खुलासे किए, जिसकी वजह से केंद्र सरकार तक हिल गई थी।

गोवा में तेजपाल ने ऐसा क्या किया था…

  • बता दें कि यह मामला नवंबर 2013 का है। जहां तहलका ग्रुप ने गोवा के एक फेमस रिसॉर्ट में सालाना 'थिंकफेस्ट' इवेंट का आयोजन किया था। इस दौरान तेजपाल पर आरोप लगे थे कि उन्होंने तहलका मैग्जीन की एक महिला कर्मचारी के साथ रेप किया था। जैसे ही पीड़िता ने अपने साथ आपबीती का खुलासा किया तो पूरे देशभर में हड़कंप मच गया। महिला ने सबसे पहले इसकी शिकायत मैगजीन की मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी से की थी। इसके बाद मामला राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचा। वहीं गोवा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी। उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया।
  • हालांकी बाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। लेकिन पीड़िता ने इसकी फिर से याचिका दायर की, लेकिन 2012 में गोवा की निचली अदालत ने तेजपाल को सबूत नहीं मिलने के आधार पर बरी कर दिया। तभी गोवा सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की जिस पर तेजपाल को दोषी माना गया।