NEET Re-Exam पेपर के लिए आखिर क्यों उतारा गया वायुसेना का 'देवदूत'? NEET री-एग्जाम में आखिर क्या है इस खास हेलिकॉप्टर का मिशन? ऐसा क्या हुआ कि NEET का पेपर अब आसमान के रास्ते पहुंचेगा? जिस हेलिकॉप्टर को कहते हैं 'देवदूत', अब उसे क्यों मिली NEET की जिम्मेदारी?
NEET UG Re Exam : नीट का पेपर लीक होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट री-एग्जाम के लिए सख्त कदम उठाए हैं। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने पेपर लीक होने से बचने के लिए देश की सबसे ताकतवार यानि भारतीय वायुसेना को मैदान में उतार दिया है। अब पेपर हेलिकॉप्टर के जरिए सेंटर तक पहुंचाए जाएंगे। वायुसेना ने साफ कह दिया है कि वह अपनी निगरानी में बिना किसी गड़बड़ी के एग्जाम कराएगी। इसके लिए परीक्षा वाले दिन 21 जून को हर सेंटर पर सुरक्षा के लिहाज से सेना की भी तैनाती होगी। तो आइए जानते हैं उस हेलिकॉप्टर की खासियत के बारे में जिससे मेडिकल परीक्षा के पेपर लाए जाएंगे?

क्यों हेलिकॉप्टर को उतारना पड़ा
- बता दें कि नीट (NEET) की परीक्षा में हुए पेपर लीक को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया है।
- क्योंकि अभी भी आशंका है कि सड़क मार्ग से पेपर ले जाने में 'एग्जाम माफिया' कुछ गड़बड़ी कर सकते हैं। इसलिए वायुसेना के उपयोग से यह जोखिम खत्म हो जाएगा।
- 21 जून को नीट-यूजी री-एग्जाम के लिए प्रश्न पत्रों को प्रिंटिंग प्रेस से सीधे केंद्रों तक पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर उतारे जा रहे हैं। जो देश के 18 प्रमुख स्थानों से सुरक्षित और लीक-प्रूफ तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगे।
वायुसेना का एमआई हेलिकॉप्टर की खासियतें
- भारतीय वायुसेना (IAF) में मुख्य रूप से सैनिकों और भारी हथियारों की आवाजाही, वीवीआईपी मूवमेंट और युद्ध/आपदा के समय बचाव कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
- वायुसेना का ये हेलिकॉप्टर हर मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है, जिसका आंधी-तूफान और बारिश भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती है।
- इस हेलिकॉप्टर को देवदूत भी कहते हैं, क्योंकि यह तुरंत मेडिकल 'फर्स्ट-एड' और एम्बुलेंस के रूप में भी बदला जा सकता है।
- Mi-17 हेलिकॉप्टर बर्फीले पहाड़ों और बेहद ऊंचाई वाले इलाकों में भी काम करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
- एक बार में 36 सशस्त्र सैनिकों या 4,500 किलोग्राम तक का वजन लेकर उड़ान भर सकता है।


