घरेलू हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पति पत्नी से जानवर जैसा बर्ताव नहीं कर सकता। महिलाओं के सम्मान के अधिकार पर जोर देते हुए, कोर्ट ने आरोपी पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पति अपनी पत्नी के साथ जानवर जैसा बर्ताव नहीं कर सकता और महिलाओं को भी सम्मान के साथ जीने का पूरा अधिकार है। यह अहम टिप्पणी घरेलू हिंसा के एक मामले में सुनवाई के दौरान आई, जब कोर्ट आरोपी पति की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच ने यह मामला सुना। बेंच ने साफ कहा कि महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी बर्ताव किसी भी सूरत में मंजूर नहीं किया जा सकता।
दरअसल, इससे पहले पटना हाई कोर्ट भी इस मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका था। इसके बाद ही आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि घरेलू हिंसा की शिकायत में आरोपी का बर्ताव बेहद गंभीर था। याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने एक बार फिर महिला के सम्मान की रक्षा के महत्व पर जोर दिया।
