चीन दौरे पर शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को ताइवान पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा ठीक से न संभालने पर टकराव का कारण बन सकता है। ताइवान ने प्रतिक्रिया में चीन को ही क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया।

बीजिंग: 3 दिन के चीन दौरे पर गए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पहले ही दौर की बातचीत में झटका लगा है। मीटिंग के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप से साफ कह दिया कि 'अगर ताइवान के मुद्दे को सही तरीके से संभाला गया, तभी दोनों देशों के रिश्ते स्थिर रहेंगे। वरना यह टकराव की वजह भी बन सकता है।' चीन की मीडिया ने यह खबर दी है।

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चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। लेकिन अमेरिका के ताइवान के साथ अनौपचारिक रिश्ते हैं और वह उसे हथियार भी सप्लाई करता रहा है। यही बात चीन को पसंद नहीं है। इसीलिए शी जिनपिंग ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा, 'ताइवान के मामले में संभलकर चलने पर ही अमेरिका के साथ हमारे रिश्ते स्थिर रहेंगे। नहीं तो यह द्विपक्षीय संबंधों को खतरे में डाल सकता है।'

बातचीत के बाद जब पत्रकारों ने ट्रंप से ताइवान के बारे में पूछा, तो वह सवाल टाल गए। उधर, चीन की संप्रभुता को न मानने वाले ताइवान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'इलाके की शांति और स्थिरता के लिए चीन ही एकमात्र खतरा है।'

मदद नहीं मांगी

चीन ईरान का सहयोगी देश है। इसलिए, ऐसा अनुमान था कि ट्रंप अपनी यात्रा के दौरान शी जिनपिंग से ईरान पर युद्धविराम के लिए दबाव बनाने का अनुरोध कर सकते हैं। इस पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, 'हमें चीन की मदद की कोई ज़रूरत नहीं है।' ट्रंप बुधवार रात को चीन पहुंचे थे और शुक्रवार को अमेरिका लौटेंगे। 2017 के बाद यह उनका पहला चीन दौरा है।

इस बीच, ट्रंप और शी के बीच हुई बातचीत पर व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी किया है। इसमें बताया गया कि 'आर्थिक सहयोग बढ़ाने, होर्मुज जलडमरूमध्य पर से पाबंदी हटाने और ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई।' लेकिन इस बयान में ताइवान का कोई जिक्र नहीं था। फिलहाल, अमेरिका ने चीन के सामानों पर 20% का टैक्स लगाया हुआ है।