Greater Noida Bus Accident: ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक यात्री बस में भीषण आग लगने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को पीड़ितों की मदद के निर्देश दिए हैं। चश्मदीदों ने बताया कि बस में धुआं भर गया था और लोग जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

UP CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का तुरंत और सही इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही, अधिकारियों को पीड़ित परिवारों से संपर्क कर उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने को कहा है।

यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग, 9 की मौत

जेवर पुलिस के मुताबिक, बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर एक यात्री बस में अचानक आग लग गई। इस हादसे में एक महिला और आठ पुरुषों समेत कुल 9 लोगों की जान चली गई। चश्मदीदों और अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर खचाखच भरी इस बस में भीषण आग लग गई। बस में धुआं भर गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। यह बस दिल्ली से आ रही थी, तभी ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर इसमें आग लग गई।

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'दम घुट रहा था': बाल-बाल बचे लोगों ने सुनाई आपबीती

हादसे में बचे लोगों ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि बस के अंदर भगदड़ मच गई थी और दमघोंटू धुआं भर गया था। जब आग लगी, तब ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। एक यात्री ने बताया, “मैं सो रहा था, तभी किसी ने मुझे जगाया और बताया कि बस में आग लग गई है। हम सब बाहर निकलने के लिए भागने लगे। वहां से निकलना बिल्कुल आसान नहीं था, बहुत ज्यादा धुआं था। हम घबराहट में किसी तरह बाहर निकल पाए। बस यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई थी।”

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एक अन्य यात्री ने बताया कि कैसे कुछ ही सेकंड में जहरीले धुएं ने लोगों की आंखों के आगे अंधेरा कर दिया और बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। उसने कहा, "मैं सो रहा था तभी किसी ने दरवाजा पीटा। जब मैं उठा, तो वहां पहले से ही भारी भीड़ थी। मैंने अपना कोई सामान नहीं उठाया, यहां तक कि जूते भी नहीं पहने। बस अपना फोन लिया और बाहर निकल गया। इतनी भीड़ थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। मुझे भी धक्के लगे और आखिरकार किसी ने मुझे खींचकर बाहर निकाला। उसके बाद मुझे कुछ याद नहीं।"

कई सहयात्रियों के अंदर फंसे होने की आशंका जताते हुए इस यात्री ने आगे कहा, "अंदर पूरी तरह धुआं भर गया था। हालात बहुत खराब थे और बाहर निकलना बेहद मुश्किल था... इतना धुआं था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, अंदर लोगों का दम घुट रहा था। बहुत कम लोग ही बच पाए, सिर्फ वही जो धक्के खाते हुए किसी तरह बाहर निकल सके... कई लोगों की जान चली गई... मेरे पीछे भी कई लोग थे जो शायद बाहर नहीं निकल पाए, क्योंकि मैं खुद काफी देर से बाहर आ पाया था।"

मामले में और जानकारी का इंतजार है।