अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर क्या विवाद हुआ? कानपुर साइबर सेल में दर्ज FIR में क्या आरोप लगाए गए हैं? अखिलेश यादव की बेटी की फोटो को लेकर क्या दावा किया गया था? क्या वायरल फोटो मॉर्फ्ड थी? इस मामले में कितने लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई?
Yogi Adityanath on Akhilesh Yadav Daughter: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी को सोशल मीडिया पर निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी को अभद्र और नकारात्मक सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाना गलत है और ऐसी हरकतें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकतीं।

आजमगढ़ की सभा में योगी ने जताई नाराजगी
शनिवार को आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बेटियों के खिलाफ की जाने वाली आपत्तिजनक और भद्दी टिप्पणियां न केवल अस्वीकार्य हैं, बल्कि अक्षम्य भी हैं। समाज में इस तरह की भाषा और व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पोस्ट पर FIR दर्ज करने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल ही में उनके संज्ञान में यह मामला आया था कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ अनुचित टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "जैसे ही मुझे इस बारे में जानकारी मिली, मैंने तत्काल पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई करने और FIR दर्ज करने के निर्देश दिए।" योगी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बेटियों के सम्मान से जुड़े मामलों में सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
'बेटी तो बेटी होती है': योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटियों का विशेष सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा, "बेटी तो बेटी होती है। हम ऐसे संस्कारों में पले-बढ़े हैं जहां गांव की बेटी को पूरे गांव की बेटी माना जाता है और गांव की बहन सभी की बहन होती है।" उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
योगी आदित्यनाथ की यह टिप्पणी उस समय आई है जब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित झूठी और मानहानिपूर्ण पोस्ट वायरल करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह मामला कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर सेल तक पहुंचा, जहां समाजवादी पार्टी के नेताओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी की तस्वीर शेयर कर आपत्तिजनक और झूठे दावे किए।
मॉर्फ्ड फोटो और झूठे दावों का आरोप
शिकायत के अनुसार, सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीर के साथ ऐसे दावे किए गए जो पूरी तरह झूठे और भ्रामक थे। शिकायतकर्ता ने कहा कि तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई थी और उसे गलत तरीके से पेश किया गया। समाजवादी पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पोस्ट जानबूझकर बदनाम करने और गलत संदेश फैलाने की मंशा से शेयर की गई थी।
योगी ने अखिलेश यादव को दी सलाह
इस मामले में त्वरित कार्रवाई का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को भी सलाह दी कि वे अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को अनुशासन में रखें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, बुजुर्गों और वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। योगी ने कहा, "अखिलेश जी अक्सर दूसरों को सलाह देते हैं, लेकिन उन्हें यह भी देखना चाहिए कि उनके समर्थक और कार्यकर्ता अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें।"
पार्टी कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की नसीहत
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं को मर्यादित और जिम्मेदार व्यवहार सिखाना चाहिए। उन्होंने परोक्ष रूप से समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने समर्थकों को सही दिशा दिखाएं। योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आपको अपने लोगों को समझाने की जरूरत है। यदि वे नहीं समझते हैं तो उन्हें हमें सौंप दीजिए, हम उन्हें अच्छी तरह समझा देंगे।"
महिलाओं के सम्मान पर सरकार की सख्त नीति
मुख्यमंत्री के बयान से यह संदेश भी सामने आया कि महिलाओं और बेटियों के सम्मान से जुड़े मामलों में सरकार सख्त रुख अपनाने के पक्ष में है। सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति, खासकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ झूठी, अपमानजनक या मानहानिपूर्ण सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


