राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से बिजनौर की रितु का जीवन बदला। स्वयं सहायता समूह, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग से उन्होंने ‘विदुर कैफे’ शुरू किया और आज हजारों की आय कर गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेशभर में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। यह योजना महिलाओं को सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं देती, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा रही है। प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और बाजार से सीधा जुड़ाव इस पहल की मजबूत नींव है। बिजनौर जिले की रितु की सफलता इस बदलाव की एक प्रेरणादायक मिसाल है।

संघर्ष भरे जीवन से आत्मनिर्भरता तक का सफर

बिजनौर जिले के देवमल ब्लॉक के ग्राम फिरोजपुर नरोत्तम की रहने वाली रितु का जीवन पहले पति की दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। सीमित और अनिश्चित आय के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता था। भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती थी। वर्ष 2022 में लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

प्रशिक्षण और सहयोग से मिला आगे बढ़ने का हौसला

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत रितु को उद्यमिता से जुड़ा प्रशिक्षण, बचत और ऋण की सुविधा तथा व्यवसाय शुरू करने के लिए लगातार मार्गदर्शन मिला। योगी सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण महिलाएं आत्मसम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ी हों। इसी सोच ने रितु को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।

सीमित संसाधनों से शुरू हुआ ‘विदुर कैफे’

आजीविका मिशन के सहयोग से रितु ने ‘विदुर कैफे’ की शुरुआत की। शुरुआत छोटे स्तर से हुई, लेकिन मेहनत और सही मार्गदर्शन ने इसे सफल बना दिया। आज रितु प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक की आय कर रही हैं। जो कभी घर का खर्च चलाने में असमर्थ थीं, आज वे पूरे आत्मविश्वास के साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं और भविष्य की योजनाएं बना रही हैं।

गांव की अन्य महिलाओं को भी मिला रोजगार

रितु की सफलता केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने कैफे के माध्यम से गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा। इससे गांव में महिलाओं के बीच आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई और सामाजिक माहौल में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।

स्वयं सहायता समूह से मिला सम्मान और पहचान

रितु का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, अवसर और सम्मान—तीनों मिले। महिलाएं अब काम के लिए बाहर जाने के बजाय गांव में ही सम्मानजनक रोजगार पा रही हैं। योगी सरकार की योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया।

ग्रामीण महिलाएं बन रहीं बदलाव की भागीदार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं अब बदलाव की भागीदार बन रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए सरकार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। रितु जैसी कहानियां साबित करती हैं कि उत्तर प्रदेश में आत्मनिर्भरता अब केवल योजना नहीं, बल्कि जमीन पर उतर चुकी हकीकत है।