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12 साल की उम्र में शतरंज के 'बादशाह' बने अभिमन्यु मिश्रा, 19 साल पुराने युवा ग्रैंडमास्टर का रिकॉर्ड तोड़ा

अभिमन्यु मिश्रा चेस इतिहास के सबसे युवा ग्रैंड मास्टर बन गए हैं। उन्होंने बुडापेस्ट में आयोजित ग्रैंडमास्टर टूर्नामेंट में 15 साल के भारतीय ग्रैंडमास्टर लियॉन मेनडोंका को हराकर ये उपलब्धि हासिल की है।

12 year old Abhimanyu Mishra becomes youngest Grandmaster in chess history dva
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Budapest, First Published Jul 1, 2021, 9:01 AM IST
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स्पोर्ट्स डेस्क : कहते है चेस एक ऐसा खेल है, जिसमें बड़े-बड़ों का दिमाग फेल हो जाता है। लेकिन 12 साल के अभिमन्यु मिश्रा ने चेस का 19 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। जी हां, भारत से ताल्लुक रखने वाले अमेरिकी ब्वॉय अभिमन्यु मिश्रा (Abhimanyu Mishra) बुधवार को चेस इतिहास के सबसे युवा ग्रैंड मास्टर बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने रूस के ग्रैंडमास्टर सर्जी कर्जाकिन (Sergey Karjakin) के नाम पर 19 साल पहले दर्ज हुआ रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 

न्यू जर्सी के 12 वर्षीय खिलाड़ी ने बुडापेस्ट में आयोजित ग्रैंडमास्टर टूर्नामेंट में 15 साल के भारतीय ग्रैंडमास्टर लियॉन मेनडोंका (Leon Mendonca) को हराकर ये उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने नौ राउंड में 2600 से अधिक प्रदर्शन रेटिंग हासिल की। अपनी जीत पर अभिमन्यु ने कहा कि 'लियॉन के खिलाफ मुकाबला मुश्किल था। लेकिन आखिर में उन्होंने जो गलती की उसका मुझे फायदा मिला। मैंने उन गलतियों का अच्छे से फायदा उठाया।' उन्होंने सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बनने की उपलब्धि हासिल करने पर कहा कि 'अब मैं खुश हूं।'

3 महीने के अंतर से जीता खिताब
अभिमन्यु मिश्रा ने जीएम सर्जी कर्जाकिन का 19 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। 12 अगस्त 2002 को रूस के ग्रैंडमास्टर सर्जी ने 12 साल और 7 महीने की उम्र में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया था। 5 फरवरी 2009 को जन्मे अभिमन्यु मिश्रा को शतरंज में सबसे बड़ा खिताब हासिल करने में 12 साल, 4 महीने और 25 दिन लगे। इस हिसाब से 3 महीने के फासले से अभिमन्यु ने रूसी ग्रैंडमास्टर का 19 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है।

बता दें कि ग्रैंडमास्टर बनने के लिए 100 ELO प्वाइंट और 3 GM नॉर्म्स की जरूरत होती है। अभिमन्यु ने अप्रैल में अपना पहला GM नॉर्म हासिल किया और मई में दूसरा GM नॉर्म हासिल किया था और 30 जून को वह तीसरा GM नॉर्म हासिल करने में कामयाब हुए और ग्रैंडमास्टर बन गए।

बेटे की जीत पर क्या बोले पिता
अभिमन्यु के पिता हेमंत मिश्रा ने अपने बेटे की जीत पर कहा कि 'हम जानते थे कि ये हमारे लिए बड़े मौके की तरह है। हम टूर्नामेंट खेलने अप्रैल के पहले हफ्ते में बुडापेस्ट पहुंचे थे। ये मेरा और मेरी पत्नी स्वाति का सपना था कि हमारा बेटा अभिमन्यु सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने। आज ये सपना साकार हुआ और हम अपनी खुशी को बयां नहीं कर सकते।' बता दें कि अभिमन्यु के पिता अमेरिका के न्यू जर्सी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। 

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