2005 में वंदना कटारिया के पास हॉकी की ट्रेनिंग के लिए पैसे नहीं थे पिता ने उधार पैसे लेकर अपनी बेटी के सपनों को पूरी करने में मदद की थी।

टोक्यो. टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने वाली भारतीय हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में आ गई हैं। वंदना कटारिया ने ट्विटर पर अपना एकाउंट बनाया है। महिला हॉकी टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद परिवार के सदस्यों द्वारा खुशी मनाने को वीडियो उन्होंने पोस्ट किया है। उनका ऑफिशियल अकाउंट होल्डर @OlympicVandana है।

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क्या है वीडियो में
वीडियो में परिवार के सदस्य भारतीय टीम की जीत के बाद जश्न मनाते हुए नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही उनकी बहन कह रही हैं कि वो गोल्ड मेडल जीतकर पिता के सपने को पूरा करेंगी।

पुरुष हॉकी टीम की हार पर किया ट्वीट
पुरुष हॉकी टीम के सेमीफाइनल मुकाबले में हार के बाद उन्होंने ट्वीट कर कहा- रो कर मुस्कुराने का मजा ही कुछ और है, जिंदगी में कुछ खो कर पाने का मजा ही कुछ और है, ज़िन्दगी में हार और जीत तो लगी ही रहती है, लेकिन हार के जीतने का मजा ही कुछ और आता है।

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साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगाई थी हैट्रिक
भारतीय महिला हॉकी टीम ने ग्रुप-A के अपने आखिरी मैच में साउथ अफ्रीका को 4-3 से हरा दिया था। इस मुकाबले में वंदना कटारिया ने मैच में 3 गोल दागकर इतिहास रच दिया। वे ओलिंपिक मैच में गोल की हैट्रिक लगाने वाली भारत की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बन गईं। 29 साल की वंदना पहले खो-खो प्लेयर बनना चाहती थीं, लेकिन रनिंग स्पीड अच्छी होने की वजह से उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया।