पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में टेनिस खिलाड़ी देनिल मेदवेदेव का जिक्र करते हुए उनकी तारीफ की। पीएम ने कहा कि मैच में हार के बाद भी उनका हौसला काबिल-ए-तारीफ है। जीवन में हार-जीत मायने नहीं रखती है। मेदवेदेव के हौसले ने दुनिया का दिल जीता।

मुंबई. पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में टेनिस खिलाड़ी देनिल मेदवेदेव का जिक्र करते हुए उनकी तारीफ की। पीएम ने कहा कि मैच में हार के बाद भी उनका हौसला काबिल-ए-तारीफ है। जीवन में हार-जीत मायने नहीं रखती है। मेदवेदेव के हौसले ने दुनिया का दिल जीता। 

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आपको बता दें कि स्पेन के टेनिस स्टार राफेल नडाल ने 9 सिंतबर को यूएस ओपन खिताब जीता था। उन्होंने फाइनल में रूस के दानिल मेदवेदेव को हराया था। नडाल चौथी बार यूएस ओपन चैम्पियन बने। यह उनका 19वां ग्रैंड स्लैम खिताब था।

 19 साल बाद US फाइनल में पहुंचने वाले रूसी खिलाड़ी मेदवेदेव 

वे स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर के 20 ग्रैंड स्लैम खिताब की बराबरी से अब सिर्फ एक कदम दूर हैं। नडाल ने पांच घंटे चले मैच में कड़े मुकाबले में मेदवेदेव को 7-5, 6-3, 5-7, 4-6, 6-4 से हराया। मैच में दूसरी सीड नडाल ने शुरुआती दो सेट 7-5, 6-3 से जीतकर अपनी जीत आसान कर ली थी, लेकिन चौथी सीड मेदवेदेव अगले दो सेट 7-5, 6-4 से जीतकर मैच में बराबरी कर ली। इसके बाद पांचवें सेट को नडाल ने 6-4 से अपने नाम करते हुए मैच जीत लिया।

मेदवेदेव का पहला यूएस ओपन फाइनल था

मेदवेदेव ने बुल्गारिया के ग्रेगर दिमित्रोव को 7-6 (7/5), 6-4, 6-3 हराकर इस स्कोर तक पहुंचे थे। मेदवेदेव का यह पहला यूएस ओपन फाइनल था। वे 19 साल बाद यूएस ओपन के फाइनल में पहुंचने वाले रूसी खिलाड़ी थे। इसलिए भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने मेदवेदेव को शुभकामनाएं दी। हार जीत से ऊपर उठकर उनके हौसले और बेहतरीन तरीके से खलने की रणनीति की भी तारीफ की। पीएम मोदी ने रूसी खिलाड़ी की हौसलाअफज़ाई कर उनका मनोबल बढ़ाया।