Asianet News HindiAsianet News Hindi

Tokyo Paralympics 2020: हाई जंप में Praveen Kumar ने जीता सिल्वर, PM ने दी बधाई, 11 हुई मेडल की संख्या

टोक्यो पैरालंपिक 2020 (Tokyo Paralympics 2020) में शुक्रवार को पुरुषों की हाई जंप T64n स्पर्धा में भारत के प्रवीण कुमार (Praveen Kumar) ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। 

Tokyo Paralympics 2020: Praveen Kumar wins silver in high jump T64 event and made new Asian Record
Author
Tokyo, First Published Sep 3, 2021, 8:54 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

स्पोर्ट्स डेस्क : टोक्यो पैरालंपिक 2020 में शुक्रवार को भारत की शुरुआत शानदार हुई। पुरुषों की हाई जंप T64n स्पर्धा में भारत के प्रवीण कुमार ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। इसके साथ ही उन्होंने एक नया एशियन रिकॉर्ड भी बनाया है। इस प्रतियोगिता में  गोल्ड ग्रेट ब्रिटेन के जोनाथन ब्रूम-एडवर्ड्स के पास गया, जिन्होंने 2.10 मीटर की दूरी तय की। वहीं, सिल्वर के लिए प्रवीण ने 2.07 मीटर की दूरी तय की, जबकि कांस्य पदक विश्व रिकॉर्ड धारक पोलैंड के मैसीज लेपियाटो ने लिया।

प्रवीण ने अपने पहले प्रयास में 1.88 मीटर का अपना पहला अंक हासिल किया। हालांकि ग्रेट ब्रिटेन के जोनाथन ब्रूम-एडवर्ड्स ने उन्हें पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया। भारतीय एथलीट ने इसके बाद तीसरे स्थान पर कब्जा करने के अपने अगले प्रयास में 1.93 मीटर की दूरी तय की। बाद के प्रयासों में, प्रवीण ने 2.01 मीटर का निशान क्लीयर ​​किया और 2.04 अंक को पार कर एथियन रिकॉर्ड ब्रेक किया। उन्होंने अपने प्रयासों में पहले 1.88 मीटर, 1.93 मीटर और 2.01 मीटर के स्कोर दर्ज किए। इसके बाद उन्होंने फाइनल में 2.07 मीटर की छलांग लगाई और सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

प्रवीण कुमार की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया- पैरालंपिक में रजत पदक जीतने पर प्रवीण कुमार पर गर्व है। यह पदक उनकी कड़ी मेहनत और अद्वितीय समर्पण का परिणाम है। उन्हें बधाई.. उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। 

19 साल का ये युवा खिलाड़ी 2019 में पैरा स्पोर्ट में शामिल हुआ और वर्ल्ड नंबर 3 का स्थान प्राप्त किया। बता दें कि प्रवीण ने वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स FAZZA ग्रांड प्री 2021 में एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल और वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स जूनियर चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था।

प्रवीण ने शुरू में वॉलीबॉल खेला। उन्हें पैरा-स्पोर्ट्स के बारे में तब पता चला जब उन्होंने दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए हाई जंप प्रतियोगिता में भाग लिया। नेशनल पैरा एथलेटिक्स कोच डॉ. स्टेयपाल सिंह ने उन्हें पैरा-स्पोर्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया और उन्हें अपना मार्गदर्शन दिया।

ये भी पढ़ें- ओ मेरे दिल के चैन: निशाने नहीं सुर लगाने में भी अव्वल है गोल्डन गर्ल अवनि लखेरा, सुना उनका फेवरेट गाना

India Book Of Records : 6 साल के बच्चे ने 30 सेकंड में लगा दिए 58 पुश; दर्ज हुआ इंडिया बुक में रिकॉर्ड

क्रिकेटर्स कर रहे फील्ड पर मेहनत, तो मैदान के बाहर ग्लैमर का तड़का लगा रही अनुष्का से लेकर संजना तक

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios