ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले विनोद ने F52 कैटेगरी में पैरालिंपिक में हिस्सा लिया था। इस कैटेगरी में उन एथलीट्स को शामिल किया जाता है, जिनकी मांसपेशियों में कमजोरी होती है।

टोक्यो. टोक्यो पैरालिंपिक गेम्स में भारत के खाते में तीन मेडल आ गए हैं। ये तीनों मेडल रविवार को मिले हैं। भारत ने अभी तक 2 सिल्वर और एक 1 ब्रॉन्ज मेडल जीता है। लेकिन ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले विनोद कुमार के रिजल्ट को फिलहाल होल्ड कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ देशों ने उनके क्लासिफिकेशन कैटेगरी को लेकर आपत्ति उठाई है जिसके बाद उनके रिजल्ट को रोक दिया गया है। अब इसकी जांच चल रही है।

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F52 कैटेगरी में लिया था हिस्सा
ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले विनोद ने F52 कैटेगरी में पैरालिंपिक में हिस्सा लिया था। इस कैटेगरी में उन एथलीट्स को शामिल किया जाता है, जिनकी मांसपेशियों में कमजोरी होती है। अंग की कमी, पैर की लंबाई असमान होती है। ऐसे खिलाड़ी व्हीलचेयर पर बैठकर कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेते हैं। विनोद कुमार 41 साल के हैं। हालांकि इस कैटगरी के लिए उनके टेस्ट किया गया था जिसमें वो पास हो गए थे।

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विनोद कुमार ने 19.91 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके तीसरा स्थान हासिल किया। वह पोलैंड के पियोट्र कोसेविज (20.02 मीटर) और क्रोएशिया के वेलिमीर सैंडोर (19.98 मीटर) के पीछे रहे जिस कारण उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला।

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पीएम मोदी ने दी थी बधाई
विनोद कुमार के मेडल जीतने के पीएम मोदी ने बधाई दी थी। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'विनोद कुमार के शानदार प्रदर्शन से भारत खुश है। उन्हें ब्रॉन्ज मेडल जीतने के लिए बधाई। उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ने ये शानदार रिजल्ट दिया है।