सूरत. कोरोना वायरस से पूरी दुनिया जूझ रही है। ऐसे हालातों में सक्रमित व्यक्ति से हर कोई दूरी बनाए हुए हैं। लेकिन, इसके चलते कई आम लोगों को परेशानी देखने को मिल रही है। ऐसा ही एक मामला गुजरात में सामने आया है।

सूरत. कोरोना वायरस से पूरी दुनिया जूझ रही है। ऐसे हालातों में सक्रमित व्यक्ति से हर कोई दूरी बनाए हुए हैं। लेकिन, इसके चलते कई आम लोगों को परेशानी देखने को मिल रही है। ऐसा ही एक मामला गुजरात में सामने आया है।

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आधी रात को बेटे को गोद में लेकर गिड़गिड़ती रही
दरअसल, यह दुखद घटना सुरत शहर में मंगलवार को देखने को मिली। जहां एक राधिका गामित नाम की महिला मैटरनिटी लीव से व्यारा से सूरत वापस आई थी। लेकिन उसकी सोसाइटी वालों ने महिला को आधी रात को घर से बाहर निकाल दिया। उसके साथ उसका पति और एक ढाई महीने का बच्चा भी था। शिक्षिका मोहल्ले वालों के सामने गिडगिड़ाती रही मुझको जाने दो, बच्चे को नींद आ रही है। वह रो रही है, प्लीज मुझको कोई कोरोना नहीं है।

घर ने बाहर निकाल ने की दी धमकी
काफी देर तक हंगामा होता रहा, सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। जहां पीड़िता ने बताया कि वह टीचर है और यहां के एक स्कूल में पढ़ाती है। लेकिन इसके बावजूद भी कॉलोनी वालों ने कोरोना के नाम पर घर से बाहर सामान फेंकने और महिला को कमरा खाली कराने धमकी देते रहे। पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन नहीं माने।

मैटरनिटी लीव पर गई थी गांव
कॉलोनी वाले बस इसी बात पर अड़े रहे कि वह अपनी जान से खिलवाड़ नहीं कर सकते हैं। इस समय कोरोना महामारी है। इसलिए वह किसी अनजान को यहां नहीं रहने दे सकते हैं। पीड़िता ने बताया कि स्कूल के शिक्षकों को बुलाकर आप मेरे बारे में पूछ लीजिए। फिर मौके पर पहंचे टीचरों ने बताया कि रधिका पहले हमारे स्कूल में पढ़ाने के लिए रोज व्यारा से सूरत आती थी। लेकिन प्रेग्नेंसी की वजह से हम लोगों ने उसको स्कूल के पास वाली कॉलोनी में कमरा किराए से दिला दिया था। इसके बाद वो मैटरनिटी लीव पर गांव चली गई।