यह शादी हमीरपुर जिले के धमरोल गांव में हुई है, इलाके के लोग इस अनोखी शादी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यहां निर्मल शर्मा अपनी शादी में खुद कार चलाकर दुल्हन के घर पपलोह पहुंचा हुआ था। खास बात यह थी कि इस शादी में दूल्हा-दूल्हन और पंडित के अलावा कोई चौथा शख्स मौजूद नहीं था।

हमीरपुर (हिमाचल). कोरोना के संकमण को देखते हुए कई लोगों ने अपनी शादियों को टाल दिया है। वहीं कुछ लोग प्रशासान की गाइडलाइन के मुताबिक ही अपना विवाह सपन्न कर रहे हैं। इसी बीच हिमाचल के हमीरपुर जिले से एक अनोखी शादी की तस्वीर सामने आई है। जहां एक दूल्हा बिना किसी बैंड बाजा के खुद गाड़ी चलाकर अपनी दुल्हनियां को लेने पहुंचा हुआ था। 

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दूल्हा-दूल्हन और पंडित के अलावा कोई नहीं था
दरअसल, यह शादी हमीरपुर जिले के धमरोल गांव में हुई है, इलाके के लोग इस अनोखी शादी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यहां निर्मल शर्मा अपनी शादी में खुद कार चलाकर दुल्हन के घर पपलोह पहुंचा हुआ था। खास बात यह थी कि इस शादी में दूल्हा-दूल्हन और पंडित के अलावा कोई चौथा शख्स मौजूद नहीं था। सोशल मीडिया पर इस शादी की फोटो और वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं। 

सारे रीति रिवाज को दरकिनार कर लिए फेरे
दूल्हे के परिवार ने कोविड माहमारी के चलते अकेले ही अपने बेटे को बारात में जाने के कहा। जहां शादी के सारे रीति रिवाज को दरकिनार करते हुए अपने पिता और रिश्तेदारों के बिना यह शादी की। यह अनोखा विवाह सभी के लिए यादगार बन गया। परिवारवालों ने कहा कि हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वह भी इस तरह की शादी करें। ताकि हम कोरोना की यह जंग जीत सकें।

इस वजह से अकेला दुल्हन को लेने पहुंचा था दूल्हा
दूल्हे ने कहा कि स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन के मुताबिक, बारात में 20 लोगों को ले जा सकता था। लेकिन हम नहीं चाहते थे कि कोई हमारी खुशियों की वजह से कोई संक्रमित हो। इसलिए सरकार के नियमों को कायम करते हुए अकेले ही दुल्हन को लेने जाने का फैसला किया। निर्मल की इस पहल के बाद इलाके के युवाओं ने भी इस तरह की शादी को देखकर खुशी जाहिर की है।