Sanand Semiconductor Plant: गुजरात के साणंद स्थित CG Semi प्लांट में महिला इंजीनियर अहम भूमिका निभा रही हैं। मलेशिया प्रशिक्षण के बाद वे भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को नई गति दे रही हैं। जानिए पूरी डिटेल।

CG Semi Sanand: हरक्यूलिस साइकिल का नाम लगभग हर भारतीय ने सुना है। इस मशहूर ब्रांड की शुरुआत वर्ष 1949 में चेन्नई स्थित मुरुगप्पा ग्रुप और ब्रिटेन की ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स कंपनी की साझेदारी से बनी टीआई साइकिल्स ऑफ इंडिया के साथ हुई थी। वर्ष 1951 में तत्कालीन भावनगर रियासत के अंतिम शासक और मद्रास राज्य के गवर्नर श्री कृष्णकुमारसिंह जी गोहिल ने कंपनी की 'टीआई साइकिल्स ए' फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। इसी फैक्ट्री से हरक्यूलिस साइकिल का उत्पादन शुरू हुआ, जो आगे चलकर देश का लोकप्रिय ब्रांड बन गया।

Sanand Semiconductor Plant: अब सेमीकंडक्टर मिशन में मुरुगप्पा ग्रुप की नई भूमिका

अब यही मुरुगप्पा ग्रुप भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। 4 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में सीजी सेमी के व्यावसायिक उत्पादन की शुरुआत की। सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहयोगी कंपनी सीजी सेमी प्राइवेट लिमिटेड ने करीब 7600 करोड़ रुपये के निवेश से आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा स्थापित की है।

CG Semi OSAT Plant: जापान और थाईलैंड के सहयोग से बढ़ेगा चिप उत्पादन

सीजी सेमी भारत की सीजी पावर, जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाईलैंड की स्टार माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स का संयुक्त उद्यम है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी सीजी सेमी की है। रेनेसास कंपनी तकनीकी सहयोग देने के साथ साणंद में बनने वाली चिप्स भी खरीदेगी। अब यहां बड़े स्तर पर चिप्स का उत्पादन कर देश और विदेश की जरूरत पूरी की जाएगी।

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Women in Semiconductor: प्लांट संचालन में महिलाओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

कंपनी ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्लांट फ्लोर पर अधिकांश मशीन संचालन महिलाओं को सौंपने की योजना बनाई है। वर्तमान में गुजरात सहित कई राज्यों से आई महिला कर्मचारी यहां कार्यरत हैं और भविष्य में भी मशीन ऑपरेशन का बड़ा हिस्सा महिलाएं ही संभालेंगी।

Malaysia Training: विदेशी प्रशिक्षण से बढ़ा महिला इंजीनियरों का आत्मविश्वास

महिला कर्मचारियों को आधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक का व्यावहारिक अनुभव देने के लिए कंपनी ने उन्हें तीन महीने के प्रशिक्षण हेतु मलेशिया भेजा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे अब मशीनों का स्वतंत्र रूप से संचालन करने में सक्षम हैं।

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Young Women Engineers: नई तकनीक सीखकर बना रहीं भविष्य

  • नवसारी की श्रेया भरतभाई पटेल और सुरेंद्रनगर की जाह्नवी पाटड़िया प्रोसेस क्वालिटी इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। श्रेया बताती हैं कि चिप निर्माण प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिलने से उनका तकनीकी ज्ञान बढ़ा है। वहीं जाह्नवी के अनुसार, नई फैक्ट्री को शुरू से विकसित होते देखना और हर चुनौती से सीखना उनके लिए खास अनुभव है।
  • केरल की वैष्णवी पाल, जिनकी पढ़ाई केमिकल इंजीनियरिंग में हुई है, अब इलेक्ट्रोलाइट प्लेटिंग का कार्य संभाल रही हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षण के बाद सेमीकंडक्टर क्षेत्र को लेकर उनकी समझ और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं।
  • केरल की ही सांड्रा ई.के. बताती हैं कि गुजरात के औद्योगिक विकास को करीब से देखने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। वहीं इंदौर की आकांक्षा तंवर कहती हैं कि पहली बार विदेश में प्रशिक्षण का अवसर मिला और सेमीकंडक्टर उद्योग में सीखने व आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। इन महिला इंजीनियरों की भागीदारी भारत के सेमीकंडक्टर मिशन और महिला सशक्तिकरण, दोनों को नई मजबूती दे रही है।