कड़ी धूप का सामना करते हुए, राज्य और बाहर से आईं श्रद्धालु मंदिर परिसर, राजमार्ग के दोनों तरफ और सड़कों पर एकत्र होकर पंक्तियों में बैठीं और ईंटों से बने चूल्हों पर ‘पोंगल’ का प्रसाद तैयार किया। 

तिरुवनंतपुरम. केरल में कोरोना वायरस के प्रकोप और छह नये मामलों के सामने आने के मद्देनजर सरकार के सख्त दिशा-निर्देशों के बीच लाखों महिलाओं ने सबसे बड़े धार्मिक समागम ‘‘अट्टुकल पोंगल’’ में सोमवार को हिस्सा लिया।

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वायरस के खतरे के चलते लोग मास्क पहन कर प्रसाद बनाते दिखे

कड़ी धूप का सामना करते हुए, राज्य और बाहर से आईं श्रद्धालु मंदिर परिसर, राजमार्ग के दोनों तरफ और सड़कों पर एकत्र होकर पंक्तियों में बैठीं और ईंटों से बने चूल्हों पर ‘पोंगल’ का प्रसाद तैयार किया। पिछले वर्षों से उलट बच्चों एवं बुजुर्गों समेत महिला श्रद्धालु वायरस के प्रकोप से बचने के प्रयासों के तहत मास्क पहन कर प्रसाद बनाती दिखीं।

उन्हें बीच-बीच में सैनेटाइजर का इस्तेमाल करते भी देखा गया

‘पोंगल’ (मीठा प्रसाद) तैयार करना यहां अट्टुकुल बहावती मंदिर के वार्षिक उत्सव के तहत महिलाओं का पवित्र अनुष्ठान माना जाता है।रविवार को केरल में कोरोना वायरस के पांच नये मामले सामने आए थे जिसके बाद सरकार को एक बार फिर चौकन्ना होना पड़ा। वहीं सोमवार को भी कोच्चि में तीन साल का बच्चा कोरोना वायरस की जांच में पॉजिटिव पाया गया।

(ये खबर पीटीआई/भाषा की है। हिन्दी एशियानेट न्यूज ने सिर्फ हेडिंग में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)